Climate Change: बेमौसम बारिश, गिरता पारा जलवायु परिवर्तन के संकेत, मई-जून के मौसम ने बढ़ाई चिंता
बेमौसम बारिश और तापमान में गिरावट जलवायु परिवर्तन के संकेत हैं। मई-जून में पहले लू चलती थी लेकिन इस बार बारिश और तापमान में गिरावट का असर महसूस किया जा रहा है। अचानक बदलाव से बीमारियों के बढ़ने की आशंका बढ़ने के साथ ही फसल को भी प्रभावित करती हैं। इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
यूं तो जलवायु परिवर्तन का दायरा बहुत बड़ा है। सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रायचौधरी के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन को सीमाओं में नहीं बांध सकते हैं। इस हालात से निपटने के लिए जरूरी है कि व्यापक स्तर पर बदलाव के उपायों को अपनाया जाए। निजी वाहनों को कम करने, कचरे को जलाने पर रोक सहित प्रदूषण कम करने के लिए जरूरी उपायों को लागू करना होगा।
बदलते मौसम को लेकर पर्यावरणविद चिंतित
पर्यावरण पर पड़ रहे प्रतिकूल असर ने पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में हो रहे बदलाव के वजह से पीछे तो विज्ञानी नहीं पहुंचे हैं, लेकिन इसके असर की रोकथाम के लिए आवाज जरूर उठा रहे हैं।
जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम में हो रहे बदलाव
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के पर्यावरण विभाग के प्रो. राधेश्याम शर्मा कहते हैं कि मौसम में हो रहे बदलाव के असर से जलवायु परिवर्तन का प्रभाव देखने को मिल रहा है। यह जलवायु परिवर्तन का संकेत है। इस पर शोध कार्य किया जा रहा है।