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एसीबी ने कहा, वक्फ बोर्ड में अमानतुल्ला खान ने कीं 33 अवैध भर्ती
Sat, 01 Feb 2020 07:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 01 Feb 2020 07:02 AM IST
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amanatullah khan
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने अब तक की जांच के आधार पर कहा कि आप विधायक अमानतुल्ला खान ने अध्यक्ष रहते हुए दिल्ली वक्फ बोर्ड में 33 लोगों की भर्ती गैरकानूनी तरीके से की। वक्फ की संपत्ति के दुरुपयोग की आशंका में एसीबी ने अमानतुल्ला पर एफआईआर दर्ज की थी।
एसीबी का कहना है कि अब तक की जांच में 33 लोगों की भर्ती में नियम-कायदों को साफ तौर पर अनदेखा करने का पता चला है। अमानतुल्ला पर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि बोर्ड में अनियमितता को लेकर पत्र लिखे गए।
इनमें 27 फरवरी 2019 का बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद आबिद का भी पत्र है। इसमें भर्ती में अनियमितता की जानकारी दी गई थी। पत्र में कहा गया है कि अमानतुल्ला ने बोर्ड के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए 5 लाख रुपये खर्च किए।
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इस राशि का भुगतान मोहम्मद मुजाहिद्दीन को किया गया था। जामिया मिलिया इस्लामिया पुस्तकालय में पुलिस की कार्रवाई में कथित तौर पर इनके एक आंख खोने की बात कही गई थी।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड के खातों के संचालन में भी अनियमितता की गई। इसके तहत खाते से राशि निकाली गई है। यहीं नहीं, सीवीओ की बिना अनुमति के बैंक खाते खोले गए। पत्र में आरोप है कि अमानतुल्ला ने बोर्ड द्वारा निर्धारित विधवाओं के कोष का इस्तेमाल कथित तौर पर कर्मचारियों को वेतन देने में किया। उधर, एसीबी के आरोपों पर विधायक अमानतुल्ला का कहना है कि इनका जवाब चुनाव के बाद दूंगा।
हाफिज इरशाद की शिकायत पर एफआईआर
एसीबी ने दिल्ली की आजाद मार्केट में नवाबगंज निवासी हाफिज इरशाद कुरैशी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर अमानतुल्ला खान के खिलाफ जांच शुरू की थी। इरशाद ने बोर्ड के सीईओ मोहम्मद आबिद को लिखे कई पत्रों का हवाला दिया था।
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एसीबी का कहना है कि अब तक की जांच में 33 लोगों की भर्ती में नियम-कायदों को साफ तौर पर अनदेखा करने का पता चला है। अमानतुल्ला पर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि बोर्ड में अनियमितता को लेकर पत्र लिखे गए।
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इनमें 27 फरवरी 2019 का बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद आबिद का भी पत्र है। इसमें भर्ती में अनियमितता की जानकारी दी गई थी। पत्र में कहा गया है कि अमानतुल्ला ने बोर्ड के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए 5 लाख रुपये खर्च किए।
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इस राशि का भुगतान मोहम्मद मुजाहिद्दीन को किया गया था। जामिया मिलिया इस्लामिया पुस्तकालय में पुलिस की कार्रवाई में कथित तौर पर इनके एक आंख खोने की बात कही गई थी।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड के खातों के संचालन में भी अनियमितता की गई। इसके तहत खाते से राशि निकाली गई है। यहीं नहीं, सीवीओ की बिना अनुमति के बैंक खाते खोले गए। पत्र में आरोप है कि अमानतुल्ला ने बोर्ड द्वारा निर्धारित विधवाओं के कोष का इस्तेमाल कथित तौर पर कर्मचारियों को वेतन देने में किया। उधर, एसीबी के आरोपों पर विधायक अमानतुल्ला का कहना है कि इनका जवाब चुनाव के बाद दूंगा।
हाफिज इरशाद की शिकायत पर एफआईआर
एसीबी ने दिल्ली की आजाद मार्केट में नवाबगंज निवासी हाफिज इरशाद कुरैशी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर अमानतुल्ला खान के खिलाफ जांच शुरू की थी। इरशाद ने बोर्ड के सीईओ मोहम्मद आबिद को लिखे कई पत्रों का हवाला दिया था।