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Delhi NCR News: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का एबीवीपी ने किया स्वागत
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-पांच साल के ऑडिट खातों, फीस ढांचे और सरकारी लाभों का ब्योरा सामने आने से बढ़ेगी जवाबदेही
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। निजी विश्वविद्यालयों की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के निजी विश्वविद्यालयों से पांच वर्षों के ऑडिट वित्तीय रिकॉर्ड, फीस ढांचे, धन के उपयोग, अतिरिक्त धनराशि के निवेश और शिक्षा से सीधे जुड़े नहीं होने वाले लोगों को किए गए भुगतानों समेत विभिन्न जानकारियां मांगी हैं। केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी विश्वविद्यालयों से जानकारी लेकर छह सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने को कहा गया है।
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों के लिए यह जानना आवश्यक है कि संस्थान में ली जा रही फीस का स्वरूप क्या है और वित्तीय व्यवस्था किस प्रकार संचालित हो रही है। उनके अनुसार उच्च शिक्षा छात्रों के भविष्य और समाज के निर्माण से जुड़ा क्षेत्र है। विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। निजी विश्वविद्यालयों की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के निजी विश्वविद्यालयों से पांच वर्षों के ऑडिट वित्तीय रिकॉर्ड, फीस ढांचे, धन के उपयोग, अतिरिक्त धनराशि के निवेश और शिक्षा से सीधे जुड़े नहीं होने वाले लोगों को किए गए भुगतानों समेत विभिन्न जानकारियां मांगी हैं। केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी विश्वविद्यालयों से जानकारी लेकर छह सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने को कहा गया है।
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों के लिए यह जानना आवश्यक है कि संस्थान में ली जा रही फीस का स्वरूप क्या है और वित्तीय व्यवस्था किस प्रकार संचालित हो रही है। उनके अनुसार उच्च शिक्षा छात्रों के भविष्य और समाज के निर्माण से जुड़ा क्षेत्र है। विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
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