सैलरी मांगने की मिली सजा: नाबालिग की हत्या करने के बाद कर दिए थे शव के छह टुकड़े, किलर शालू झारखंड से गिरफ्तार
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि आरोपी शालू टोपनो प्लेसमेंट एजेंसी के लिए काम करता था। वह झारखंड और बिहार से घरेलू सहायिका का काम करने के लिए लड़कियों को दिल्ली लाता था। बाद में इनको काम पर लगवा दिया जाता था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मियांवली नगर इलाके में मई 2018 में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश को झारखंड के गुमला इलाके से दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान शालू टोपनो उर्फ सारू के रूप में हुई है। आरोपी ने सैलरी के पैसे मांगने पर 15 साल की किशोरी की हत्या करने के बाद शव के छह टुकड़े कर दिए थे। बाद में शव को एक बैग में डालकर नाले में ठिकाने लगा दिया था। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन शालू लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा घोषित किया हुआ था। स्पेशल सेल की टीम पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि आरोपी शालू टोपनो प्लेसमेंट एजेंसी के लिए काम करता था। वह झारखंड और बिहार से घरेलू सहायिका का काम करने के लिए लड़कियों को दिल्ली लाता था। बाद में इनको काम पर लगवा दिया जाता था। वर्ष 2015 में आरोपी 12 साल की किशोरी को काम के लिए दिल्ली लाया। यहां उसे काम पर रखवा दिया गया। लेकिन काम के बदले उसे सैलरी नहीं दी गई।
2018 में किशोरी ने झारखंड वापस जाने की इच्छा जाहिर करते हुए आरोपियों से अपनी सैलरी मांगी। उस समय पीड़िता के दो लाख रुपये बन रहे थे। पीड़िता ने आरोपियों से जोर देकर रुपयों की मांग की। रुपये न देने पर शिकायत करने की धमकी दी। इस बात पर आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर दफ्तर में ही सिर पर वार कर किशोरी की हत्या कर दी। बाद में शव के बड़े छुरे से छह टुकड़े कर दिए गए। शव को एक बैग में डालकर पास के एक नाले में ठिकाने लगा दिया गया। 17 मई 2018 को मियांवली नगर (अब पश्चिम विहार वेस्ट) थाने में हत्या का मामला दर्ज हुआ।
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मुख्य आरोपी शालू लगातार पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। लोकल पुलिस के अलावा स्पेशल सेल की टीम भी आरोपी की तलाश करती रही। छानबीन के दौरान एसीपी अत्तर सिंह, इंस्पेक्टर शिवकुमार, पवन कुमार, एसआई राजेश व अन्यों की टीम को खबर मिली की आरोपी शालू गुमला, झारखंड स्थित अपने गांव में छिपा हुआ है। जानकारी जुटाने के बाद फौरन एक टीम को गुमला भेज दिया गया। शुक्रवार को आरोपी को उसे गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को दिल्ली लाकर उससे पूछताछ की जा रही है। आरोपी पिछले करीब साढ़े चार साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।