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4 साल बाद जेल से बाहर आए नूपुर और राजेश, सीधा पहुंचे आरुषि के नाना-नानी के घर

Mon, 16 Oct 2017 08:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा/गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा/गाजियाबाद Updated Mon, 16 Oct 2017 08:32 PM IST
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aarushi murder case: talwars to release today large security outside dasna jail and all updates
रिहा होते नूपुर और राजेश - फोटो : अमर उजाला

इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद डासना जेल में बंद डॉ. राजेश तलवार व नूपुर तलवार सोमवार शाम 5 बजे र‌िहा हो गए। अब आरुषि के मम्मी-पापा उसके नाना-नानी के घर पहुंच चुके हैं और अबतक दोनो ने मीडिया से बात नहीं की है।

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जानकारी के अनुसार तलवार दंपत‌ि का र‌िलीज ऑर्डर सीबीआई कोर्ट पहुंचा ज‌िसके बाद दोपहर 3:30 बजे वहां से इनकी र‌िहाई का परवाना जारी हुआ। इस दौरान सीबीआई कोर्ट में 4 लोगों ने राजेश और नूपुर तलवार का बेल बांड भरा। इनमें नूपुर के माता-प‌िता, राजेश के भाई द‌िनेश तलवार और उनके दोस्त शा‌म‌िल हैं।
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करीब चार साल से जेल में बंद तलवार दंपति रिहाई के बाद नोएडा या दिल्ली के साईं मदिर जा सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि तलवार दंपति साईं के भक्त हैं और पिछली बार भी वह जेल से छूटने के बाद नोएडा के सेक्टर-61 स्थित साईं मंदिर गए थे।

बताया जा रहा है कि दोनों मीडिया से बचकर निकलने के प्रयास में हैं, ताकि उसके सवालों का सामना न करना पड़े। उधर आरुषि के नाना बीजी चिटनिस ने बताया कि अदालत में सोमवार दोपहर तक रिहाई का आदेश मिलेगा, जिसे कोर्ट से जेल पहुंचाया जाएगा।

वहां कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शाम तक ही दोनों जेल से बाहर आ पाएंगे। जेल अधीक्षक ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसएसपी से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की है। वहीं आज तलवार दंपत‌ि के वकील तनवीर अहमद मीर ने कहा है क‌ि दोपहर तीन बजे के बाद राजेश और नुपूर कभी भी जेल से बाहर आ सकते हैं।


वहीं आज कोर्ट जाते हुए आरुष‌ि के नाना ने कहा क‌ि प‌िछले नौ साल से हम बहुत ज्यादा लोगों के अटेंशन का केंद्र रहे हैं इसल‌‌िए अब हम कोर्ट से दूर रहना चाहते हैं। नॉर्मल लाइफ जीना चाहते हैं।

तलवार दंपत‌ि ने नहीं लिए जेल में कमाए 99 हजार रुपये

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जेल अधिकारियों के अनुसार तलवार दंपति ने डेंटल क्लिनिक के सेटअप में अहम योगदान दिया है। दोनों ने जेल को दांतों के इलाज के लिए तमाम उपकरण भी मुहैया कराए हैं।

डासना के जेलर के अनुसार तलवार दंपति अपने जेल प्रवास के दौरान कैदियों के इलाज के बदले रोजाना 40 रुपये मेहनताना भी कमाते थे, लेकिन उन्होंने ये पैसा भी नहीं लिया। अगर ये पैसे लेते तो दोनों की अब तक की कमाई करीब 99 हजार रुपए होती। इसमें राजेश तलवार ने अकेले बंदी के तौर पर 49 हजार 520 रुपए कमाए जो उन्होंने दान कर दी।

राजेश ने 1466 दिन, नूपुर ने 1293 दिन काटी सजा
बेटी आरुषि की हत्या के आरोप में 26 नवंबर 2013 को सजा सुनाए जाने के बाद से राजेश और नूपुर डासना जेल में बंद हैं। सजा सुनाए जाने से पहले नूपुर 30 अप्रैल 2012 से 25 सितंबर 2012 तक चार माह 26 दिन और राजेश 23 मई 2008 से 12 जुलाई 2008 तक एक माह 20 दिन जेल में रह चुके हैं।

केस ट्रायल के दौरान और हाईकोर्ट के निर्णय के दिन तक कुल मिलाकर राजेश तलवार 1466 दिन और नूपुर 1293 दिन सजा काट चुके हैं। नुपुर हाईकोर्ट के आदेश पर चार बार शॉर्ट टर्म बेल पर जेल से बाहर रही हैं।

05 मई से 27 सितंबर 2016 तक, चार अक्टूबर से 16 नवंबर 2016 तक, 06 दिसंबर 2016 से 04 जनवरी 2017 तक और 17 जनवरी से 15 फरवरी 2017 तक नूपुर जमानत पर रहीं हैं।

अपना सामान गरीबों में बांट कर जाएंगे

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arushi talwar

राजेश और नूपुर तलवार ने अपने जरूरत के हिसाब से जो भी सामान जेल में मंगवाए थे, वो सामान तलवार दंपति जेल के ही गरीब कैदियों में बांट कर जाएंगे। बता दें कि हर कैदी जेल मैनुअल के हिसाब से कुछ सामान अपने लिए मंगवा सकता है।

इसके साथ ही राजेश और नुपुर जो भी धार्मिक किताब या अन्य किताब जेल में लाए थे वो भी जेल लाइब्रेरी में जेल बंदियों के लिए छोड़कर जाएंगे। उनके कामकाज और व्यवहार के हिसाब से जेल प्रशासन अच्छा ग्रेड देने की तैयारी कर रहे हैं।

जेल में नहीं मनाया कोई त्योहार, 4 साल बाद घर में होगी दिवाली
करीब चार साल की सजा के दौरान नूपुर और राजेश ने कोई त्योहार नहीं मनाया। 2013 में दिवाली से चंद दिनों बाद सीबीआई विशेष कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब चार साल बाद वह घर पर दिवाली मना सकेंगे। सूत्रों की मानें तो जेल में रहने वाले बच्चे उनसे डरते थे। हालांकि बाद में उनके व्यवहार के चलते बच्चे उनसे पढ़ने लगे। अन्य कैदियों ने बताया कि जब वे उन्हें त्योहार मनाने को बुलाते थे तो वे कहते थे कि जिस पर बेटी की हत्या का आरोप हो वह कैसे त्योहार मना सकता है।

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