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आरुषि हत्याकांडः हेमराज की पत्नी की याचिका सुप्रीम कोर्ट में मंजूर, हाईकोर्ट के फैसले की होगी छानबीन

Mon, 19 Mar 2018 01:34 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 19 Mar 2018 01:34 PM IST
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aarushi murder case: supreme court accepts hemraj wife plea, will probe high court judgement
arushi talwar

नोएडा के चर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में तलवार दंपति की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने हेमराज की पत्नी की याचिका मंजूर कर ली है। इस याचिका में तलवार दंपति की रिहाई के खिलाफ और हाईकोर्ट के फैसले पर विचार की याचिका दायर की गई थी।



कोर्ट ने हेमराज की पत्नी की याचिका मंजूर करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले की छानबीन करेगा। दरअसल याचिका में कहा गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ये तो माना है कि हेमराज और आरुषि की हत्याएं तो हुईं लेकिन किसी को दोषी नहीं माना और तलवार दंपति को रिहा कर दिया।

ऐसे में हेमराज की पत्नी इस फैसले से नाखुश थीं और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज इस याचिका को मंजूर कर लिया है।

मालूम हो कि निचली अदालत ने इस मामले में राजेश तलवार और नूपुर तलवार को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन हाइकोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया था।

सीबीआई ने भी दायर की है याचिका

aarushi murder case: supreme court accepts hemraj wife plea, will probe high court judgement
आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री - फोटो : SELF

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विशेष अनुमति याचिका में सीबीआई ने कहा है कि कोर्ट के आदेश में कई खामियां है। सीबीआई ने कहा है कि निचली अदालत ने जो फैसला दिया था वो अच्छी तरह सोच विचार और साक्ष्यों के आधार पर दिया था।

याचिका में कहा गया है कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत ने फैसला दिया था उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।  इस तरह के मामले में परिस्थितिजन्य साक्ष्य काफी अहम होते हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने 273 पेज के फैसले में कहा था कि गलत विश्लेषण के जरिए निचली अदालत पहले से ही मान बैठा था कि नपुर और राजेश तलवार ने ही इस घटना को अंजाम दिया है।

नोएडा के जलवायु विहार के फ्लैट नंबर एल 32 में 15 और 16 मई 2008 की आधी रात आरुषि और हेमराज के साथ क्या हुआ उसका निजली अदालत के जज ने फिल्म डायरेक्टर की तरह काल्पनिक और रंगीन तरीके से वर्णन किया।हाईकोर्ट ने कहा कि तलवार दंपति पर लगाए गए आरोपों के बदले सीबीआई कोई भी सबूत पेश नहीं कर पाई।

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