आरुषि-हेमराज हत्याकांड: 12 साल बाद भी नहीं सुलझी इस मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी
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16 मई, 2008 को नोएडा के सेक्टर-25 स्थित जलवायु विहार के फ्लैट नंबर एल-32 में डॉ. राजेश तलवार की 14 वर्षीय बेटी आरुषि का शव उसके कमरे से बरामद किया गया था। गले पर तेज धारदार चाकू से वार कर हत्या की गई थी। हत्या किसने की इसका खुलासा आज तक नहीं हो सका है।
12 वर्ष बाद भी पुलिस और सीबीआई हत्या गुत्थी खोल नहीं पाई है। फिलहाल जमानत के बाद तलवार दंपती दिल्ली में हैं, लेकिन मामला अभी भी कोर्ट में हैं।
बता दें कि सबसे पहले हत्या का शक घर से लापता नौकर हेमराज पर गया। अगले दिन 17 मई को उसी फ्लैट की छत से नौकर हेमराज की लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि आरुषि व हेमराज का कत्ल 15-16 मई की रात को हुआ था।
नोएडा पुलिस ने अपनी तफ्तीश में तलवार दंपती को आरोपी पाया था। वहीं सीबीआई की पहली जांच टीम ने नोएडा पुलिस की तफ्तीश पर सवाल उठाते हुए नौकरों को आरोपी बनाते हुए जेल भेज दिया था, लेकिन अदालत में इन आरोपों की धज्जियां उड़ी थीं।
नोएडा पुलिस के तत्कालीन जांच अधिकारियों के मुताबिक लगातार पूछताछ से परेशान डॉक्टर तलवार ने अपने वकील से अग्रिम जमानत के बारे में बात की थी। सर्विलांस पर सुनी गई इस बातचीत के बाद नोएडा पुलिस का शक पक्का हो गया था।
आरुषि व तलवार के बीच मेल के आदान-प्रदान में जो मैसेज थे वह साफ बयान कर रहे थे कि आरुषि व पिता के बीच के संबंधों में कटुता थी। फ्लैट की जिस तरह से स्थिति थी, उससे स्पष्ट था कि फ्लैट के भीतर कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आया था।
सीबीआई की दूसरी जांच टीम की तफ्तीश भी नोएडा पुलिस की तफ्तीश पर ठहर गई थी। सीबीआई जांच के बाद तलवार दंपती को जेल भेज दिया गया था। हालांकि पुलिस की लापरवाही की वजह से आज तक हेमराज का मोबाइल फोन भी बरामद नहीं हो पाया। आरुषि का मर्डर किसने किया था यह सवाल बनकर रह गया है।
सोशल साइटों पर अब भी छाया रहता है आरुषि कांड
आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री देश ही नहीं विदेश में भी सोशल साइटों पर छाई रही थी। इंटरनेट पर आरुषि के पेज बना कर लोगों ने उसके लिए न्याय की मुहिम तक शुरू कर दी थी। एक लाख से ज्यादा लोगों ने सोशल साइटों पर जारी मुहिम में हिस्सा लिया था। इस घटना को 12 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब भी इस तारीख पर लोग सोशल मीडिया पर हत्यारे का पता लगाने की गुहार लगा रहे हैं।
उस समय यह थे अधिकारी-
एसएसपी- ए. सतीश गणेश
एएसपी- अखिलेश कुमार
एसपी सिटी- महेश मिश्रा
थाना प्रभारी सेक्टर-20 - दाताराम ननौरिया
विवेचक बने - ननौरिया के हटने के बाद अनिल समानिया फिर जगवीर मलिक