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Delhi NCR News: पांच वर्षों से यमुना घाट पर प्रतिदिन हो रही आरती
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-मां की स्मृति में शुरू हुई आरती, नदियों को स्वच्छ रखने का संदेश
पूर्वी दिल्ली। फ्रेंड्स ऑफ यमुना फाउंडेशन की ओर से पिछले पांच वर्षों से यमुना छठ घाट पर प्रतिदिन शाम को मां यमुना की आरती की जा रही है। इस आयोजन में संस्था के सदस्यों के साथ-साथ आसपास के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर मां यमुना का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
संस्था के महासचिव जगदीश सहगल ने बताया कि मां यमुना की दैनिक आरती की शुरुआत उन्होंने अपनी मां की स्मृति में की थी। उनकी मां यमुना और देवी-देवताओं की परम भक्त थीं। अपनी मां की आस्था से प्रेरित होकर उन्होंने प्रतिदिन मां यमुना की आरती करने का संकल्प लिया, जो पिछले पांच वर्षों से निरंतर जारी है। यमुना बाबा अशोक उपाध्याय ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों में नदियों के प्रति आदर और सम्मान की भावना विकसित करना है, ताकि वे नदियों को स्वच्छ रखने और उनके संरक्षण में योगदान दें। संस्था के सचिव ने कहा कि भारत में नदियों को मां का दर्जा दिया गया है। नदियां जीवन का आधार होने के साथ-साथ धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी रखती हैं। संवाद
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पूर्वी दिल्ली। फ्रेंड्स ऑफ यमुना फाउंडेशन की ओर से पिछले पांच वर्षों से यमुना छठ घाट पर प्रतिदिन शाम को मां यमुना की आरती की जा रही है। इस आयोजन में संस्था के सदस्यों के साथ-साथ आसपास के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर मां यमुना का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
संस्था के महासचिव जगदीश सहगल ने बताया कि मां यमुना की दैनिक आरती की शुरुआत उन्होंने अपनी मां की स्मृति में की थी। उनकी मां यमुना और देवी-देवताओं की परम भक्त थीं। अपनी मां की आस्था से प्रेरित होकर उन्होंने प्रतिदिन मां यमुना की आरती करने का संकल्प लिया, जो पिछले पांच वर्षों से निरंतर जारी है। यमुना बाबा अशोक उपाध्याय ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों में नदियों के प्रति आदर और सम्मान की भावना विकसित करना है, ताकि वे नदियों को स्वच्छ रखने और उनके संरक्षण में योगदान दें। संस्था के सचिव ने कहा कि भारत में नदियों को मां का दर्जा दिया गया है। नदियां जीवन का आधार होने के साथ-साथ धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी रखती हैं। संवाद
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