यूपी और उत्तराखंड में चुनाव नहीं लड़ेगी आप, पंजाब के अलावा गोवा को हरी झंडी
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आम आदमी पार्टी (आप) फिलहाल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में हिस्सा लेने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं पंजाब के अलावा गोवा विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरने के लिए पार्टी ने रजामंदी दे दी है।
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि यूपी व उत्तराखंड चुनाव में जाने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं का पार्टी पर दबाव था, लेकिन दोनों प्रदेशों में जमीनी तैयारियां पूरी न होने के कारण राष्ट्रीय नेतृत्व ने हामी नहीं भरी।
हालांकि पंजाब के अलावा गोवा चुनाव के लिए हरी झंडी दे दी गई है। इसकी आधिकारिक घोषणा मई के आखिर में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रस्तावित गोवा रैली में होगी।
संगठन के बिना पार्टी राज्य चुनावों में नहीं जाएगी
दिल्ली चुनाव जीतने के बाद से आप ने मिशन विस्तार कार्यक्रम शुरू कर रखा है। पार्टी की कोशिश बूथ लेवल तक इकाइयों का गठन करने की है। वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही साफ कर दिया था कि जमीनी स्तर पर संगठन के बिना पार्टी राज्य चुनावों में नहीं जाएगी।
हालांकि, लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को देखते हुए आप को पंजाब की जमीन अपने लिए सबसे उर्वर दिखी। पंजाब से ही पार्टी को चार सांसद मिले थे। इसके मद्देनजर संगठन विस्तार व जनता से सीधे जुड़ने के लिए पिछले करीब डेढ़ साल से अभियान शुरू कर रखा है। पार्टी को पंजाब में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
दूसरी तरफ गोवा, उत्तराखंड, यूपी समेत ऐसे राज्यों में जमीनी तैयारियां की जा रही हैं, जहां 2017 में चुनाव होने हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने यूपी व उत्तराखंड के दौरे किए। राष्ट्रीय नेतृत्व पर दोनों राज्यों के चुनाव में उतरने का दबाव था।
यूपी और उत्तराखंड चुनाव में जाने से बंटेगी ताकत
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों पार्टी ने एक समीक्षा बैठक की। इसमें पंजाब के अलावा गोवा में चुनाव लड़ने का फैसला लिया गया। जमीनी तैयारियां पूरी न होने के कारण उत्तराखंड और यूपी के लिए अभी साफ मना कर दिया है।
केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि पंजाब चुनाव की व्यस्तता के बीच यूपी जैसे बड़े राज्य व सियासी तौर पर उलझे उत्तराखंड के चुनाव में जाने से संगठन की ताकत बंट जाएगी।
इससे सियासी नुकसान संभव है। लिहाजा पूरा फोकस पंजाब पर रखने का फैसला लिया गया। वहीं दक्षिण भारत की पूरी ताकत का इस्तेमाल गोवा चुनाव में होगा।