सवर्णों को 10% आरक्षण पर आप ने जताई आशंका- 'हम देंगे साथ पर कहीं चुनावी जुमला न बन जाए'
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2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार, मोदी कैबिनेट ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने की मंजूरी दे दी है।
इसके तहत गरीब सवर्णों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकेगा हालांकि इसके लिए सरकार को संविधान में संशोधन करना होगा। माना जा रहा है कि मंगलवार को सरकार सदन में ये प्रस्ताव ला सकती है।
इस बीच मोदी सरकार की कट्टर विरोधी आम आदमी पार्टी ने एक ओर तो इस फैसले में सरकार के साथ खड़े होने और उसे समर्थन की बात कही है। वहीं दूसरी ओर इसमें एक आशंका भी जता दी है। पार्टी का मानना है कि यह मोदी सरकार का नया चुनावी जुमला हो सकता है।
आप के संयोजक और दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा, 'चुनाव के पहले भाजपा सरकार संसद में संविधान संशोधन करे। हम सरकार का साथ देंगे। नहीं तो साफ हो जाएगा कि ये मात्र भाजपा का चुनाव के पहले का स्टंट है।'
जुमला बता रही हआप
वहीं इस पर आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया, 'आर्थिक रूप से पिछड़ी सवर्ण जातियों के लिए मोदी सरकार ने 10% आरक्षण का स्वागत योग्य चुनावी जुमला छोड़ दिया है। ऐसे कई फ़ैसले राज्यों ने समय-समय पर लिये लेकिन 50% से अधिक आरक्षण पर कोर्ट ने रोक लगा दी। क्या ये फ़ैसला भी कोर्ट से रोक लगवाने के लिये एक नौटंकी है?'
संजय सिंह ने आगे लिखा, '10% आरक्षण बढ़ाने के लिये संविधान संशोधन करना होगा। सरकार विशेष सत्र बुलाये हम सरकार का साथ देंगे वरना ये फ़ैसला चुनावी जुमला मात्र साबित होगा।'
इस तरह के ट्वीट्स से साफ होता है कि आम आदमी पार्टी मोदी कैबिनेट के इस फैसले को मात्र चुनावी जुमला मानती है। वह मान रही है कि अगर सरकार को ऐसा कुछ करना था तो संसद सत्र के शुरुआत में ही कर देना चाहिए था, सत्र के अंत में इसे लाकर सिर्फ जुमलेबाजी की जा रही है।