पंगेबाज विधायकों और सांसदों पर सुच्चा सिंह के बाद जोखिम नहीं लेगी आप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर पर कार्रवाई करने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) दूसरा कोई सियासी जोखिम नहीं लेना चाहती। पंजाब चुनाव से पहले पार्टी राज्य के बागी सांसदों पर कार्रवाई नहीं करेगी।
वहीं, दिल्ली में निगम चुनाव को देखते हुए पार्टी बागी विधायक पंकज पुष्कर और आसिम अहमद खान के खिलाफ भी कोई कार्रवाई करने से बच रही है। दरअसल, पंजाब में आप के दो सांसद धर्मवीर गांधी और हरिंदर सिंह खालसा ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
खालसा ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि आप सांसद भगवंत मान शराब पीकर संसद में जाते हैं। इससे पार्टी की आलोचना भी हुई थी। वहीं, धर्मवीर गांधी न सिर्फ प्रशांत भूषण व योगेंद्र यादव का समर्थन करते रहे हैं, बल्कि अलग से मोर्चा बनाकर पंजाब विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
दिल्ली और पंजाब दोनों जगह समान है हालात
इससे पार्टी के भीतर खलबली मची है। सूत्रों की मानें तो पार्टी ने बागियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का फैसला लिया है। इसकी वजह यह है कि पंजाब में दूसरा मोर्चा पैदा होगा और पार्टी को अपनी ऊर्जा उनके आरोपों के बचाव में भी लगानी पड़ेगी।
दूसरी तरफ पार्टी से निकालने पर आप सांसद दल-बदल विरोधी कानून के दायरे में भी नहीं आएंगे। इसी तरह की हालत दिल्ली में भी बनी है। पार्टी के दो विधायक लगातार शीर्ष नेतृत्व पर हमला कर रहे हैं।
पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि इनको भी पार्टी से निकालने का मतलब होगा कि दोनों की विधायकी बनी रहेगी। जबकि दिल्ली में पार्टी का पूरा फोकस अभी निगम चुनावों पर है।