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इतिहास दोहराना चाहते हैं केजरीवाल, सीएम समेत सभी वरिष्ठ नेता दे रहे मतदाताओं के दरवाजे पर दस्तक

Wed, 05 Jun 2019 09:21 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 05 Jun 2019 09:21 PM IST
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aap wants to repeat history after win delhi assembly election
अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला

लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) इतिहास दोहराने की कोशिश में है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी मतदाताओं से सीधा संपर्क कर रही है। इस बार दिल्ली की सत्ता हाथ में होने से उसे सहूलियत भी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत सभी मंत्री नई-नई घोषणाएं लेकर वोटरों के बीच जा रहे हैं।

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दरअसल, 2014 के संसदीय चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल ने 49 दिन सरकार चलाकर इस्तीफा दे दिया था। उस वक्त पार्टी ने लोकसभा चुनाव पर फोकस की बात कहते हुए पूरे देश की 400 सीटों पर चुनाव लड़ा था। केजरीवाल खुद नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनावी लड़े। केजरीवाल का दावा सौ सीटें जीतने का था, पर देश के वोटरों ने उन्हें हकीकत के धरातल पर पटक दिया। दिल्ली की सभी सीटों पर पार्टी औंधे मुंह गिरी। सिर्फ पंजाब से चार सांसद जीतने में कामयाब रहे। पार्टी के ज्यादातर प्रत्याशी जमानत भी नहीं बचा सके थे। इसके बाद केजरीवाल ने मैदान संभाला। उन्होंने मई 2014 से लेकर दिसंबर 2014 तक दिल्ली की गली-गली की खाक छानी। घर-घर जाकर दिल्ली सरकार के इस्तीफा देने पर माफी मांगी और एक बार फिर भरोसा करने की अपील की। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 67 सीटें जीत लीं।
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2019 के लोकसभा चुनाव में भी हालात ऐसे ही हैं। हालांकि, इस बार आप के वोट प्रतिशत में खासी कमी आई है। दिल्ली की पांच सीटों पर पार्टी तीसरे स्थान पर पहुंच गई है, जबकि 2014 में वह सभी सीटों पर दूसरे स्थान पर थी। अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पदयात्रा का सिलसिला शुरू किया है। दूसरे मंत्री भी अपने-अपने विभागों के कामकाज के मुआयने के बहाने लोगों के बीच जा रहे हैं। दिल्ली सरकार इन दिनों ताबड़तोड़ लोकलुभावन घोषणाएं भी कर रही है। पार्टी का सबसे बड़ा दांव महिलाओं को बसों व मेट्रो में मुफ्त सफर कराने पर है।
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2014 के चुनाव में वोट
भाजपा    46.4
आप    32.9
कांग्रेस    15.1

2015 के विस चुनाव में वोट
आप    54.3
भाजपा    32.3
कांग्रेस    9.7

2019 में मिले वोट
भाजपा    56.6
कांग्रेस    22.5
आप    18.1
(नोट : सभी आंकड़े प्रतिशत में)

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