AAP Vs BJP: IAS राजशेखर के ऑफिस से किसने चुराई फाइल? सीएम आवास मामले में भाजपा-आप में बढ़ा टकराव
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नवनिर्मित आवास पर विवाद और ज्यादा गहरा गया है। एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भाजपा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास के घोटाले की जांच कर रहे अधिकारी IAS राजशेखर के कार्यालय से संवेदनशील फाइलें चुराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य सीएम आवास घोटाले की जांच प्रभावित करना और इस मामले का सच छुपाना है। जबकि आम आदमी पार्टी ने इस मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
आरोप है कि मुख्यमंत्री आवास विवाद में एक महिला का नाम भी सामने आ रहा है, जिसके कहने पर इमारत में कई बदलाव किए गए। इस बदलाव में 60 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया जा रहा है। यदि इन आरोपों में कोई सच्चाई सामने आती है तो इससे अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।
यह भी पढ़ें: 'एक्सपोज हो गए केजरीवाल': सरकार में 'आप' का होना खतरनाक, मनोज तिवारी बोले- अधिकारी के घर से चोरी कराई फाइल
उक्त अफसर पर भी भाजपा-आप में विवाद होता रहा है। आम आदमी पार्टी सरकार ने आईएएस राजशेखर को केंद्र का आदमी मानते हुए उन्हें पद से हटा दिया था। इसके पीछे यही तर्क दिया गया था कि वे केंद्र के इशारों पर काम कर रहे थे। सर्वोच्च न्यायालय के 11 मई के निर्णय के बाद दिल्ली सरकार ने उन्हें तुरंत अपने पद से हटा दिया था।
लेकिन भाजपा ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री आवास मामले की जांच प्रभावित करने के लिए अधिकारी को हटाया जा रहा है। केंद्र के दिल्ली से संबंधित अध्यादेश के आने के बाद उन्हें दोबारा उसी पद पर नियुक्त कर दिया गया। आरोप है कि जिस दिन अधिकारी को अपने पद से हटाया गया था, उसी रात को उनके कार्यालय से संवेदनशील फाइलों को गायब कर दिया गया।
भाजपा ने क्या आरोप लगाए
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एक सीसीटीवी के आधार पर 26 मई को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास मामले की जांच कर रहे अधिकारी आईएएस राजशेखर के कार्यालय से संवेदनशील फाइलें चुराई जा रही हैं। सीसीटीवी में रात के दो बजे दो व्यक्ति अधिकारी के कार्यालय में जाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। कुछ देर बाद ये व्यक्ति कुछ फाइलों को लेकर कार्यालय से बाहर आते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। आरोप है कि इन फाइलों में कई संवेदनशील सूचनाएं हैं और इनकी चोरी कर मुख्यमंत्री आवास के मामले की जांच प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि इसके पहले इसी अधिकारी को जांच से हटाकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी, लेकिन बाद में केंद्र सरकार के अध्यादेश के बाद जब अधिकारी को दोबारा जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई, तो अब उनके कार्यालय से फाइलें चुराकर जांच प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस मामले की जांच करने और दोषियों को दंड देने की मांग की है।
अब आगे क्या होगा
भाजपा के सूत्र बताते हैं कि पार्टी सीसीटीवी मामले को यहीं छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। इसके लिए उपराज्यपाल कार्यालय से मामले की जांच करने का अनुरोध किया गया है। यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है तो भाजपा इस मामले पर दिल्ली पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करा सकती है। स्वयं अधिकारी भी इसके बाबत पुलिस से जांच कराने का अनुरोध कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें: Supreme Court: 'आप' नेता सत्येंद्र जैन को सुप्रीम कोर्ट से राहत, स्वास्थ्य कारणों के आधार पर मिली अंतरिम जमानत
चूंकि, इस मामले में सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं, अधिकारी के कार्यालय में आने वाले व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल नहीं होगा। यह आपराधिक मामला है और इस पर जांच आगे बढ़ी, तो अधिकारी के कार्यालय में घुसने वाले व्यक्ति के बयान पर कई बड़े चेहरों पर भी गाज गिर सकती है।
आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान
अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के विस्तार के लिए विभिन्न राज्यों में कोशिश कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अपने विस्तार की कोशिश कर रही है और चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है। आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े चेहरे अरविंद केजरीवाल की छवि पर असर पड़ने से पार्टी की संभावनाओं पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।