आप-बीजेपी के हंगामे के बाद थाने पहुंचा सीलिंग विवाद, मनोज तिवारी ने केजरीवाल के खिलाफ की शिकायत
दिल्ली में चल रहा सीलिंग का मुद्दा गरमा गया। इसी को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मंगलवार सुबह अपने घर पर बीजेपी नेताओं की बैठक बुलाई जहां दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हंगामा हो गया।
केजरीवाल के निवास पर हुए हंगामे के बाद दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी अन्य भाजपा नेताओं समेत थाने पहुंचे और केजरीवाल व उनके साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। मनोज तिवारी का आरोप है कि आप नेता जरनैल सिंह ने उनके एक नेता से ऐसी धक्का-मुक्की की कि उसके हाथ में चोट आ गई है।
मनोज तिवारी ने ये भी आरोप लगाया कि हम समय लेकर वहां पहुंचे थे और केजरीवाल ने मुझसे अभद्र भाषा में बात की, मेरा अपमान किया। हमारे पार्टी नेताओं के साथ वहां धक्का-मुक्की भी हुई, इसलिए हमने केजरीवाल के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है।
हंगामे में जहां बीजेपी धरने पर बैठ गई है, वहीं केजरीवाल ने कहा है कि वह सीलिंग के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। सीलिंग के मामले पर विचार करने के लिए हुई बैठक में कोई समाधान तो नहीं निकला लेकिन अब दोनों पार्टियां जमकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं।
बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि, आम आदमी पार्टी ने अपना अपमान खुद ही किया है। वहीं, आम आदमी पार्टी आरोप लगा रही है कि बीजेपी 351 सड़कों के मुद्दे पर अड़ गई और हंगामा किया है।
बीजेपी का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने मीडिया को इस मीटिंग में बुलाया ताकि हंगामा हो। आम आदमी पार्टी चाहती है कि केंद्र इस मामले में अध्यादेश लाए।

अमित शाह ने संभाली
राजधानी में सीलिंग मसले का समाधान निकालने की कमान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने हाथों में ले ली है। सूत्रों के अनुसार अमित शाह केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मदद के अलावा उपराज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, शाह अध्यादेश या विधेयक का प्रारूप तैयार कराने पर राय ले रहे हैं। कोशिश है कि अध्यादेश या विधेयक ऐसा हो जो कोर्ट में भी खरा उतरे और उसमें संशोधन की आवश्यकता नहीं पड़े।
दरअसल व्यापारी तबका भाजपा का वोट बैंक माना जाता है और केंद्र एवं नगर निगम में भाजपा की सरकार होने के बावजूद उनका कारोबार सीलिंग कार्रवाई के चलते बंद हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति के निर्देश पर नगर निगम व्यापारियों की दुकानें सील कर रही है, वहीं केंद्र सरकार सीलिंग से बचाने की कोई पहल नहीं कर पाई है। दिल्ली में 20 विस क्षेत्रों के उपचुनाव कभी भी होने की संभावना के चलते भाजपा आलाकमान परेशान है।
दिल्ली के व्यापारियों पर वर्ष 2006-07 में सीलिंग कार्रवाई की गाज गिरी थी, तब नगर निगम और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस को इस सीलिंग कार्रवाई का गुस्सा झेलना पड़ा पड़ा था और उसके बाद से वह लगातार तीन बार से नगर निगम चुनाव हार रही है।