विश्वास के समर्थन में AAP, महिला आयोग पर ही उठाया सवाल
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आम आदमी पार्टी (आप) ने देश की संवैधानिक/वैधानिक संस्थाओं के सियासी इस्तेमाल का आरोप लगाया है। इसके लिए नजीर दिल्ली महिला आयोग की आप नेता कुमार विश्वास के खिलाफ की गई कार्रवाई की दी है।
आप के मुताबिक, बुधवार को आयोग ने अचानक हाई कोर्ट में कुमार विश्वास के मामले की जांच बंद करने की बात कही। इसके लिए बेहद हल्की दलील रखी है।
दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय ने बताया कि आयोग ने अपने ही नियमों को दरकिनार करते हुए सियासी वजहों से मामले को तूल दिया। साथ ही सवाल भी किया कि क्या कांग्रेस व भाजपा की स्थापित राजनीति उपराज्यपाल, दिल्ली पुलिस समेत दूसरी संस्थाओं का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कब तक करेगी।
बिना नियम के महिला आयोग कर रहा कार्रवाई
विपक्षी नेताओं की जिंदगी को बर्बाद करने के लिए इनका क्यों किया जा रहा है। दूसरी तरफ आप विधायक सोमनाथ भारती ने बताया कि आयोग का नियम है कि कोई भी शिकायत आने पर आरोपी को न्यूनतम 15 दिन का समय दिया जाएगा।
लेकिन अतिरिक्त तेजी दिखाते हुए आयोग की अध्यक्षा ने विश्वास को सिर्फ पांच दिन का समय दिया। वहीं, नियम बताते हैं कि कोई भी मामला पुलिस के पास जाने पर आयोग उस पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा।
लेकिन इस मामले में भी नियमों की अनदेखी की गई। इससे साफ है कि आयोग की अध्यक्षा सियासी फायदे के लिए अपने पद का दुरूपयोग कर रही थीं। भारती ने बताया कि फिलहाल कोर्ट ने आयोग से 15 दिन में जवाब मांगा है। उसके बाद ही पार्टी अपनी रणनीति तय करेगी।