फंड के लिए AAP का आइस बकेट कैंपेन
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चुनावी फंडिग के लिए आम आदमी पार्टी (आप) आइस बकेट कैंपेन की तर्ज पर अभियान शुरू करने जा रही है। अभियान से जुड़ने वाले लोगों को अपने नीचे 10 लोगों को नॉमिनेट करना होगा।
खास बात यह कि अभियान की रीढ़ कोई सेलिब्रिटी नहीं होगी। इसकी जगह आम लोगों से फंड इकट्ठा करने की कोशिश होगी। पार्टी शुक्रवार को अभियान लॉन्च कर रही है।
दरअसल, आइस बकेट कैंपेन मल्टीपल स्केलोरेसिस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से अमेरिका में शुरू हुआ था। बाद में दूसरे देशों में भी यह अभियान चला था।
इसमें शामिल होने वाला इंसान पहले बकेट में भरी बर्फ अपने सिर पर डालता था। बाद में ऐसा करने के लिए किसी व्यक्ति को नॉमिनेट करता था। वहीं, चुनौती पूरा करने में नाकाम रहे लोगों को पेनाल्टी देनी होती थी। यह श्रृंखला आगे बढ़ती गई।
बड़े स्तर पर फंडिंग के लिए चलेगा ये अभियान
‘आप’ इस अभियान की तर्ज पर फंडिग लेने जा रही है। केजरीवाल की अमेरिका यात्रा के दौरान फंड जुटाने के लिए अभियान को आजमाया भी गया था।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि बड़े स्तर पर अभियान चलाने की योजना है। इसमें शामिल होने वाले लोगों को अपने नीचे कुछ लोगों से पार्टी का फंड देने की अपील करने के साथ संबंधित व्यक्ति को चुनौती भी देनी होगी।
आगे यह श्रृंखला बढ़ती जाएगी। इसके प्रचार के लिए सोशल मीडिया व अन्य को इस्तेमाल किया जाएगा। पार्टी की मानें तो अभियान के बैनर तले फंडिग के लिए दूसरे अभियान भी चलेंगे।
इनका समय पाक्षिक या मासिक होगा। अभियान की खासियत होगी कि चंदे की राशि तय नहीं की जाएगी। चुनौती लेने वाला व्यक्ति अपनी मर्जी से इसे तय कर सकेगा। दूसरी तरफ इससे आम लोगों को जोड़ा जाएगा। किसी सेलिब्रिटी के सहारे अभियान आगे नहीं बढ़ेगा।
10 लोगों को चुनौती देने की योजना
पार्टी अभियान शुक्रवार से लॉन्च कर रही है। लोगों से अपील की जाएगी कि वह अपने परिचितों व रिश्तेदारों से फंड देने की अपील करें। शुरुआती दौर में एक व्यक्ति से 10 लोगों को नॉमिनेट करने को कहा जाएगा।
आगे लोकप्रिय होने पर इसकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए न सिर्फ फोन कॉल व एसएमएस का सहारा लिया जाएगा। बल्कि फेसबुक, ट्विटर, ईमेल आदि माध्यम से भी अभियान का प्रचार होगा।
खास बात यह कि चैलेंज पूरा करने में नाकाम रहने पर पेनाल्टी नहीं देनी होगी। पार्टी की कोशिश होगी कि फंड लेने के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ा जाए।