सत्येंद्र जैन के घर जिन दो लोगों का पता लगाने पहुंची CBI, उनकी हो चुकी है मौत
सत्येंद्र जैन के साथ खड़ी आप
- सीबीआई की कार्रवाई के बाद पार्टी ने दी सिलसिलेवार ढंग सफाई
- पार्टी ने लेटर जारी कर सभी आरोपों को गलत बताया
अमर उजाला ब्यूरो
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इस बारे में सीबीआई के जैन के आवास पर पहुंचते ही पार्टी ने एक पर्चा जारी किया। इसमें सिलसिलेवार ढंग से जैन का पार्टी ने बचाव किया है। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि जैन पर आरोप है कि उनके यहां 2010 से काम करने वाले दो शख्स कोलकाता के हवाला कारोबारियों से फोन पर बात करके हवाला के पैसे भेजते थे।
लेकिन हकीकत में दोनों दुनिया में नहीं है। भाजपा ने दो मनगढ़ंत नाम पेश कर दिए हैं। सत्येंद्र जैन ने कई बार कहा है कि इन दोनों को सामने लाया जाए, लेकिन भाजपा की सीबीआई व इन्कम टैक्स इन्हें पेश नहीं कर सकती है।
यही नहीं 2010-2016 के बीच जिस नंबर से फोन करने की बात कही जा रही है, उस नंबर पर कभी एसटीडी कॉल की सुविधा नहीं थी। वहीं, यह नंबर 2014 से बंद पड़ा है। 2010-2014 तक भी कोलकाता बात नहीं हुई है।
अरबों के घोटालों पर नहीं जा रहा ध्यान
इसके अलावा आयकर विभाग का कहना है कि चार लोगों ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ गवाही दी है। हकीकत में चारों गवाही झूठी और दबाव डालकर ली गई है। पार्टी के मुताबिक, साफ है कि भाजपा सीबीआई व आयकर विभाग का बेजा इस्तेमाल कर रही है।
माल्या, पनामा, व्यापम, डीडीसीए, आईपीएल समेत अन्य अरबों के इन घोटालों से देश का ध्यान हटाने का एक ही यंत्र है रोजाना एक आप नेता के यहां सीबीआई भेज दो।- मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री
आप को छोड़ सब पर खामोश है सीबीआई
माल्या 9 हजार करोड़, शिवराज व्यापम, वसुंधरा, आईपीएल, रमन सिंह, पनामा पेपर, 31 फीसदी केंद्र के मंत्री आरोपी, लेकिन सीबीआई सब पर खामोश है। इसकी जगह इसे आप नेताओं को बदनाम करने का काम मिल गया है।- संजय सिंह, वरिष्ठ नेता