आप विधायक अमानतुल्लाह पहुंचे शाहीन बाग, बोले- अबतक सीएए के विरोध प्रदर्शन से इसलिए रहा दूर
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नागरिकता कानून के खिलाफ शाहीन बाग में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी है। यहां बच्चे, बूढ़े और महिलाएं अपना सारा काम छोड़ प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को करीब चार बजे स्थानीय विधायक अमानुल्लाह खान भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएए के खिलाफ जारी सत्याग्रह का राजनीतिकरण न हो, इसलिए अब तक वह इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे। लेकिन उन्होंने हमेशा यहां के हालात पर नजर बनाए रखा था।
खान ने कहा कि आज से वह खुलकर इन लोगों के साथ खड़े रहेंगे। यदि पुलिस यहां से लोगों को हटाने आएगी, तो वह सबसे आगे आकर पुलिस से बातचीत करेंगे।
उन्होंने मिसाल देते हुए कहा, कि शाहीन बाग की महिलाओं का सत्याग्रह इसलिए दुनियाभर के लोगों तक पहुंचकर सबसे बड़ा हो गया क्योंकि यह लगातार शांति के साथ जारी है।
विधायक ने कहा कि शांति से ही हम अपनी बात पुलिस और सरकार के सामने रख रखेंगे। उन्होंने वादा किया कि अब से इस प्रदर्शन की वह खुद अगुवाई करेंगे। प्रदर्शन स्थल से कुछ ही कदम की दूरी पर स्थित वह अपने कार्यालय पर चौबीसों घंटे मौजूद रहेंगे। वह राजनीति में रहें या न रहें, सत्ता में रहें या बेदखल कर दिए जाएं, उन्हें फर्क नहीं पड़ता। वह क्षेत्र की महिलाओं के इस सत्याग्रह के साथ खड़े रहेंगे।
मणिशंकर अय्यर पहुंचे शाहीन बाग
वहीं, शाहीन बाग में मंगलवार को प्रदर्शन का समर्थन करने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर भी पहुंचे।
Delhi: Congress leader Mani Shankar Aiyar joins protest against #CitizenshipAmendmentAct & #NationalRegisterofCitizens, in Shaheen Bagh. pic.twitter.com/MTD41CzLk5
— ANI (@ANI) January 14, 2020
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट से सड़क खाली कराने का आदेश मिलने के बाद अब दिल्ली पुलिस के अधिकारी शाहीन बाग की गलियों में जाकर महिलाओं को सड़क खाली करने के लिए मनाने में जुटे हैं।
हालांकि जब इस बात की जानकारी प्रदर्शन कर रहे लोगों को मिली तो प्रदर्शनस्थल से एलान किया गया है कि दम है तो पुलिस प्रदर्शन स्थल पर आकर बात करे। महिलाएं कह रही हैं कि वो किसी सूरत में सड़क खाली नहीं करेंगी। यदि पुलिस जबरदस्ती करेगी, तो महिलाएं आगे बढ़कर मोर्चा संभालेंगी।
सरकार महिलाओं की परेशानी को समझे
बातचीत से ही हल निकलेगा, जबरदस्ती की गई तो हालात खराब हो सकते हैं, ऐसा यहां प्रदर्शन पर बैठी महिलाओं का कहना है। उनका कहना है कि सत्याग्रह करना उनका हक है। यदि सरकार को लोगों की चिंता है तो यहां की महिलाओं की परेशानी को समझें।