प्रियंका गांधी के बयान पर विश्वास ने पूछा- 1984 के दंगों पर क्यों नहीं खौला था खून?
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आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधा है। विश्वास ने कहा कि मौसमी नेताओं का खून अपने हित को देखकर खौलता है।
उन्होंने सवाल किया कि प्रियंका गांधी का खून 84 के दंगों पर क्यों नहीं खौला था। दरअसल, भीड़ द्वारा लोगों को मारे जाने की घटना पर प्रियंका गांधी ने बयान दिया था कि ऐसी घटनाओं से उनका खून खौल उठता है।
इस पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में आजादी के इतने सालों बाद भी समूह, जाति, धर्म खान-पान की पसंद-नापसंद के आधार पर लोगों की हत्या होना चिंता की बात है।
पीएम मोदी और पूर्व पीएम मनमोहन पर साधा निशाना
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार विश्वास ने सवाल किया कि प्रियंका गांधी का खून 84 के सिख दंगों पर क्यों नहीं खौला। उन्होंने तंज कसा कि ऐसी हालत में तो प्रियंका गांधी और उनके परिवार का खून तब से खौलते रहना चाहिए था।
कुमार विश्वास यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश के प्राकृतिक संसाधनों पर पहला हक अल्पसंख्यकों का है, तब उनका खून क्यों नहीं खौला। क्योंकि देश के संसाधन पर सभी देशवासियों का बराबर हक है।
विश्वास ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों भाई-बहन ने समय अंतराल बांट रखा है। एक का खून जून में खौलता है तो दूसरे का खून जुलाई में खौलेगा।
राहुल और प्रियंका जिस तरह की सियासत कर रहे हैं
इसकी वजह यह है कि वह अभी नाना-नानी के घर में हैं। जब लौटेंगे तो जुलाई चल रहा होगा। विश्वास ने आरोप लगाया कि राहुल और प्रियंका जिस तरह की सियासत कर रहे हैं, उससे विपक्ष में आने की संभावना भी खत्म हो चली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए विश्वास ने कहा कि बाकी देश में कानून व्यवस्था आधी रात के कार्यक्रमों, जलसों, स्टूडियो के प्रधानमंत्री के भाषणों से नहीं होगी।
यह बेहद दुखद है कि अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर पूरी दुनिया में फूल चढ़ाने वाले प्रधानमंत्री आज लिचिंग की घटनाओं को रोक नहीं पा रहे हैं।