'उजागर हुई केजरीवाल की विचारधारा': केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ 'आप' को मिला CPI भी साथ, भाजपा ने बोला हमला
दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सच्ची विचारधारा और राजनीतिक रंग उजागर हो गया है। उनका सीपीआई कार्यालय में पहुंचने से यह साफ हो गया है कि वे मानसिक तौर पर कम्युनिस्ट हैं
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केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ अब आप को सीपीआई का भी साथ मिल गया है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मुलाकात के बाद सीपीआई के महासचिव डी राजा ने अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली की जनता का साथ देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संसद में अध्यादेश का पुरजोर विरोध करेगी। इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि केंद्र ने अध्यादेश लाकर दिल्ली की जनता का जनतांत्रिक अधिकार छीन लिया है। दरअसल दिल्ली में भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती, इसलिए वह पिछले दरवाजे से दिल्ली को चलाने के लिए यह अध्यादेश लेकर आई है।
भाजपा ने बोला हमला
दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सच्ची विचारधारा और राजनीतिक रंग उजागर हो गया है। उनका सीपीआई कार्यालय में पहुंचने से यह साफ हो गया है कि वे मानसिक तौर पर कम्युनिस्ट हैं और अपनी पार्टी बनाने से पहले सीपीआई से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। पिछले एक दशक से उनकी अराजक कार्यशैली को देखकर भाजपा ने नक्सली अराजकतावादी कहा, जो सच साबित हुआ है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि यह कहना गलत नहीं होगा कि कम्युनिस्ट स्वभाव और मानसिक लालन-पालन वाले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण किया और यह समझा कि अगर वह कम्युनिस्ट के रूप में खड़े हुए तो दिल्ली की जनता उन्हें कभी वोट नहीं देगी। इसलिए उन्होंने आम आदमी पार्टी का गठन किया। यह भी तथ्य है कि उनके पार्टी के नेता संजय सिंह, गोपाल राय, मनीष सिसोदिया, अतिशी सभी वामपंथी झुकाव वाले साथी हैं।