फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AAP gave 5th Finance Commission responsibility to high-profile IAS

हाईप्रोफाइल आईएएस को AAP ने दी 5वें वित्त आयोग की जिम्मेदारी

Wed, 27 Apr 2016 04:07 AM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 27 Apr 2016 04:07 AM IST
विज्ञापन
AAP gave 5th Finance Commission responsibility to high-profile IAS
सुधीर कृष्णा - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

आप सरकार ने पूर्व केंद्रीय शहरी विकास सचिव और हाई प्रोफाइल आईएएस सुधीर कृष्णा को 5वें वित्त आयोग की जिम्मेदारी सौंपी है। वे यूपीए शासनकाल में शहरी व विकास सचिव रहे हैं। सुधीर अब दिल्ली सरकार से एमसीडी को राजस्व में हिस्सेदारी तय करने, उसकी दशा सुधारने, विभाग का काम घटाकर खर्चे कम करने, वित्तीय प्रबंधन, ई-गवर्नेंस और भ्रष्टाचार दूर करने का रास्ता सुझाएंगे।

विज्ञापन


कैबिनेट की ओर से 1977 बैच के कर्नाटक कैडर आईएएस सुधीर कृष्णा (रिटायर) को 5वें वित्त आयोग का चेयरमैन बनाने की भेजी गई सिफारिश को उपराज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। उनके अलावा सदस्य सचिव केआर किशोर को बनाया गया है। आयोग को 18 महीने में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट की सिफारिशें 2016-2021 तक के लिए लागू होंगी।
विज्ञापन


दिल्ली सरकार ने आयोग को दी गई जिम्मेदारी में कहा है कि सिफारिश करते समय दिल्ली सरकार के संसाधन व खर्च, अर्थव्यवस्था में नगर पालिका प्रशासन के लिए गुंजाइश, नगर पालिका के संसाधन जुटाने की गुंजाइश, नगर पालिका की तरफ से कर वसूली के किए गए उपाय, स्थानीय निकाय में आधुनिकीकरण का ध्यान रखा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


एमसीडी के उपलब्ध संसाधनों का ध्यान रखकर कार्यों की समीक्षा, 31 मार्च 2016 तक के ऋण का आकलन और पैसे की जरूरत बताएं। सरकार ने आयोग को जो लक्ष्य दिए हैं उसमें कहा गया है कि स्थानीय निकाय की मजबूती के लिए दीर्घकालीन उपाय भी सुझाएं।

इसमें संपत्ति बनाने और उसके प्रबंधन के अलावा आत्मनिर्भर बनने, नागरिक सुविधाओं की हालत, ज्यादातर कार्यों में ई गवर्नेंस, बेहतर वित्तीय प्रबंधन, ई खरीद और बेहतर वित्तीय प्रबंधन पर भी सुझाव मांगे गए हैं। आयोग को कहा गया है कि एमसीडी वर्तमान में जो काम करती है, उसका अध्ययन करने के साथ यह देखा जाए कि बड़े अस्पताल व कुछ अन्य सेवाएं दिल्ली सरकार को ट्रांसफर करके किस तरह से उनके खर्चे कम किए जा सकते हैं।


चौथे वित्त आयोग की सिफारिशें अभी नहीं हुईं लागू
चौथे वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट 2013 में सरकार को सौंप दी थी। नई सरकार ने रिपोर्ट दिसंबर, 2015 में विधानसभा में पेश करके कह दिया कि जो सिफारिशें केंद्र सरकार के लिए आयोग ने दी है, वह उसे माने तभी एमसीडी के लिए की गई सिफारिश के हिसाब से दिल्ली सरकार अपने करों में एमसीडी को हिस्सेदारी देगी। चौथे वित्त आयोग ने पूर्वी एमसीडी व उत्तरी एमसीडी को अधिक राशि हिस्सेदारी के अलावा सरकार का मोटर वाहन कर, मनोरंजन कर भी एमसीडी को देने के लिए कहा था। इसके अलावा दो फीसदी अधिक हिस्सेदारी देने की सिफारिश की है। एमसीडी इसके लिए लगातार लड़ाई लड़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed