चुनौती पर आप ने नहीं दिया जवाब, फिर महेश गिरि को ठहराया कसूरवार
भाजपा सांसद महेश गिरी के खुली बहस की चुनौती का जवाब बेशक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नहीं दिया, लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को एक बार फिर एमएम खान की हत्या के मामले में महेश गिरी व करण सिंह तंवर को कसूरवार ठहराया है।
रविवार दोपहर मीडिया से बात करते हुए आप के दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय ने आरोप लगाया कि होटल व्यापारी रमेश कक्कड़ की एक तरफ करण सिंह तंवर और दूसरी तरफ महेश गिरी खड़े हैं।
रमेश कक्कड़ जैसा बेईमान व्यापारी जब सफल नहीं हुआ, तो उसने हत्या की सुपारी दी। पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस भाजपा प्रवक्ता की तरह काम कर रही है। पांडेय के मुताबिक, तंवर ने पहले भी एमएम खान को धमकाया था। उनके दफ्तर से तंवर के चिट्ठी मिली है, इसका पूरा ज्यादातर हिस्सा गायब है, इसकी जांच होनी चाहिए।
आप ने पूछे छह सवाल
दिलीप पांडेय ने बताया कि एनडीएमसी के वाइस चेयरमैन रहते हुए तंवर ने कई बार एमएम खान को हटाने की कोशिश की। लेकिन सफलता नहीं मिली। हित को साधने के लिए तंवर ने धार्मिक सद्भाव को भी बिगाड़ने की कोशिश की है। पार्टी ने इस बारे में भाजपा से कई सवाल पूछे हैं।
आप ने पूछे छह सवाल
- उस खत में ऐसा क्या लिखा था, जिसे गायब कर दिया गया है?
- दिल्ली पुलिस इतने मजबूत आधार के बाद भी बीजेपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?
- क्या दिल्ली पुलिस को बीजेपी आलाकमान या केंद्र सरकार की तरफ से बीजेपी नेताओं को क्लीन चिट देने का निर्देश दिया गया है?
- सांसद महेश गिरी दिल्ली की जनता को ये बताएं कि वो एक भ्रष्टाचारी व्यवसायी को लेकर उनकी सिफारिश करने एलजी के पास क्यों गए थे ?
- उनके संसदीय क्षेत्र के एक सरकारी अधिकारी की हत्या हो जाती है और वो पीड़ित परिवार के घर झांकने तक क्यों नहीं जाते?
- ऐसा कौन सा गुप्त लाभ सांसद महेश गिरी को मिल रहा था, जिसके लिए वो रमेश कक्कड़ के पक्ष में एक पत्र एलजी महोदय को लिख देते हैं?