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आप का केंद्र सरकार पर हमला, सीबीआई अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 23 Oct 2018 05:12 AM IST
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Alok Verma and Rakesh Asthana
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आम आदमी पार्टी (आप) ने जांच एजेंसी सीबीआई में शीर्ष स्तर के दो अफसरों में रिश्वत कांड को लेकर चल रहे आरोपों-प्रत्यारोपों पर केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार के लड़ने के दावे पर सवाल उठाया है। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा वक्त में सीबीआई विश्वसनीयता के सबसे गंभीर संकट से गुजर रही है। आप की मांग है कि मामले में आरोपी अधिकारियों को पद से हटाने के साथ उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप पांडेय का आरोप है कि इस वक्त चाहे सीबीआई हो या चुनाव आयोग समेत दूसरी संवैधानिक संस्थाएं, इन सबकी साख गिरी है। ये कैसी विडंबना है कि जिस जांच एजेंसी का काम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है, आज उसके शीर्ष अधिकारी एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि सीबीआई कार्मिक विभाग (डीओपीटी) के तहत आता है, जिसका प्रभार खुद प्रधानमंत्री के पास है। पांडेय ने मांग की कि इन दोनों अधिकारियों के बीच जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, उससे दोनों के सिस्टम में रहते जांच नहीं हो सकती। दोनों अधिकारियों को बर्खास्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
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स्वराज इंडिया ने भी मोदी सरकार को घेरा
सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर स्वराज इंडिया ने केंद्र सरकार को घेरा है। पार्टी प्रवक्ता अनुपम ने सवाल किया कि संदेसरा ग्रुप की कंपनी पर आयकर विभाग के छापे में सीज हुई डायरी में नाम आने के बावजूद राकेश अस्थाना को सीबीआई में नंबर दो पोजीशन पर नियुक्त क्यों किया गया, वह भी निदेशक आलोक वर्मा के लिखित विरोध के बावजूद।
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दूसरी तरफ पार्टी अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में केंद्र सरकार देश के संवैधानिक संस्थानों को ध्वस्त कर रही है। विश्वविद्यालयों से लेकर, परीक्षा भर्ती आयोग व जांच एजेंसियों तक में चहेते अधिकारियों की नियुक्ति नियमों को ताक पर रखकर हो रही है। योगेंद्र यादव ने चेतावनी दी कि आने वाले चुनाव में देश की जनता प्रधानमंत्री से इसका हिसाब लेगी।