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आप नेता बोले कांग्रेस से हरियाणा में समझौता नहीं तो दिल्ली में भी नहीं होगा गठबंधन, असमंजस बरकरार

Sat, 20 Apr 2019 09:02 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Sat, 20 Apr 2019 09:02 PM IST
सार

- समझौते पर अंतिम फैसला सुनाने का दावा कर सामने आए आप नेताओं ने दिए गोलमोल जवाब
- कहा, हरियाणा में समझौता नहीं तो दिल्ली में भी नहीं होगा गठबंधन 
 

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AAP Congress alliance in between leaders not clear on Final decision
राहुल-केजरीवाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आम आदमी पार्टी (आप) व कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर असमंजस बना हुआ है। दोनों पार्टियों के बीच संभावित समझौते पर अंतिम फैसला सुनाने के दावे से शनिवार को मीडिया के सामने आए आप सांसद संजय सिंह व मनीष सिसोदिया करीब 20 मिनट तक गोलमोल जवाब देते रहे।

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दोनों नेताओं ने सीधे-सपाट शब्दों में यह नहीं कहा कि गठबंधन के सारे रास्ते अब बंद हो गए हैं। इसकी जगह उन्होंने कहा कि कांग्रेस हरियाणा में गठबंधन के मुद्दे पर बात नहीं करना चाहती। मौके पर उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा को जिताने का आरोप मढ़ा। साथ ही कहा कि अगर हरियाणा में गठबंधन नहीं होगा तो दिल्ली में भी दोनों पार्टियां साथ नहीं लड़ेंगी। 
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मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ की कुल 18 सीटों पर हराने के लिए आप सैद्धांतिक मतभेद के बावजूद कांग्रेस के साथ गठबंधन को तैयार हुई थी। लेकिन कांग्रेस इस मसले पर लगातार यू-टर्न लेती रही। बकौल सिसोदिया, जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने कांग्रेस व जजपा को 4-4 व आप को 2 सीटें देने का प्रस्ताव हरियाणा के लिए किया था।
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लेकिन कांग्रेस इससे राजी नहीं हुई। सिसोदिया ने दावा किया बाद में कांग्रेस ने 6 सीटें मांगते हुए 3 जजपा व 1 आप को देने का प्रस्ताव किया। भाजपा को हराने के लिए आप ने कांग्रेस के इस प्रस्ताव का स्वीकार कर लिया था। लेकिन कांग्रेस अपने प्रस्ताव से पलटते हुए 7 सीट अपने लिए मांगी। बीच तीन सीटों में से 2 जजपा व 1आप को देने का प्रस्ताव किया। आप ने इस प्रस्ताव को भी मान लिया।

फिर से मोदी-शाह की जोड़ी आई, तो कांग्रेस जिम्मेदार होगी


मनीष सिसोदिया का आरोप है कि यह दुखद है कि कांग्रेस अब हरियाणा पर बात ही नहीं करना चाहती। कांग्रेस के लिए सत्ता सुख देश के संविधान, लोगों के सम्मान व सांप्रदायिक ताने बाने से ऊंचा है। इससे साबित होता है कि बातचीत के बहाने कांग्रेस सिर्फ समय बर्बाद कर रही है। कांग्रेस के 4-3 के फॉर्मूले पर दिल्ली में गठबंधन से जुड़े सवालों पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगर वहां बंद हो गया है तो यहां सवाल ही नहीं है। साथ ही दावा भी किया कि आप सभी सातों सीटों पर भाजपा को हराने में सक्षम है। 

अहम यह कि आप के दावे के उलट कांग्रेस शुरू से ही कहती आई है कि वह हरियाणा में गठबंधन के लिए आप व जजपा से कोई बात नहीं कर रही है। बीते दिनों हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने सार्वजनिक तौर पर इस तरह की किसी बातचीत से मना किया था। गौरतलब है कि शुक्रवार को आप ने दावा किया था कि शनिवार सुबह उसके दो नेता गठबंधन पर अंतिम फैसला सुनाएगा। 

संजय सिंह ने कहा कि अगर 18 सीटों पर गठबंधन होता तो पूरे देश में मैसेज जाता कि भाजपा सत्ता में नहीं आ रही। कांग्रेस पार्टी मोदी को दोबारा सत्ता में लाने की संभावना को जीवित रखना चाहती है। हरियाणा में आप ने कहा कि 6-3-1 या 7-2-1 पर मान जाओ। वे नहीं माने। पंजाब, गोवा, चंडीगढ़ में नहीं माने। संजय सिंह ने कहा कि हरियाणा और पंजाब का चैप्टर पूरी तरह खत्म हो गया है। देश के मतदाता केंद्र सरकार से परेशान हैं। नफरत की राजनीति के खिलाफ वोट देने को तैयार हैं। अगर गलती से मोदी-शाह की जोड़ी वापस आई, तो इसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस जिम्मेदार होगी।

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