AAP के 'सोशल वार' से विरोधियों में हलचल
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बुधवार को पार्टी के सोशल मीडिया पर चल रहे आधिकारिक अकाउंट पर चुनावों से जुड़े कई नारों के पोस्टर जारी किए गए। मसलन, दिल्ली दिल से, केजरीवाल फिर से, दिल्ली ने पुकारा केजरीवाल दोबारा, कौन सोया होगा सर्द रातों में, नारी के सम्मान को, फिर से बुला लो केजरीवाल को, जैसे नारों से पेज भरे पड़े हैं।
समर्थक और संयोजक अरविंद केजरीवाल के फॉलोअर इस तरह की पोस्ट को शेयर कर रहे हैं। यही वजह रही कि केजरीवाल फिर से का अकाउंट बुधवार को ट्विटर और फेसबुक पर ट्रेंड करता दिखा। वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पार्टी जमीनी स्तर पर काम कर रही है। आप को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया सकारात्मक है।
हालांकि थोड़ी नाराजगी इस्तीफे की वजह से है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं को अमूमन इस सवाल का जवाब देना पड़ता है।
नेताओं की बढ़ी रहेगी धड़कन
राजधानी में दिवाली पर पटाखों की तेज आवाज से ज्यादा नेताओं की धड़कन सरकार बनेगी या चुनाव होंगे को लेकर बढ़ी रहेगी। विधानसभा भंग कब होगी और चुनाव कब होंगे? इसका जवाब ढूंढने में दिवाली पर भी नेता जुटे रहेंगे। दिल्ली विधानसभा में 67 विधायक हैं।
तीन सीटें खाली हैं, अगर सरकार बनती है तो उन तीन सीटों पर चुनाव होंगे और अगर विस भंग होती है तो सभी सीटों पर चुनाव होंगे। इस मामले में तीनो राजनीतिक पार्टी के विधायक कहते हैं कि एक चुनाव लड़ने केलिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है।
फिर जो एक बार सहयोग करते हैं, वह दूसरी बार महज एक साल में इतना बड़ा सहयोग करने में सक्षम हों, यह जरूरी नहीं है। सोशल मीडिया में आप व केजरीवाल के समर्थन से जुड़े नारों की भरमार हो गई है।