Delhi: मुकेश गोयल को पीठासीन अधिकारी बनाने पर अड़ी 'आप', सौरभ भारद्वाज बोले- लगातार कानून तोड़ रहे उपराज्यपाल
भारद्वाज ने कहा कि एलजी ने पिछली बार मनगढ़ंत तरीके से मुकेश का नाम पीठासीन अधिकारी के पद से हटाया था। एलजी ने कहा था कि मुकेश पर मामला दर्ज है, जबकि असलियत यह है कि मुकेश पर कोई एफआईआर नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली में मेयर चुनाव कराने के लिए मुकेश गोयल को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने को लेकर आम आदमी पार्टी अड़ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता व दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को कहा कि एलजी के पास केवल दो विकल्प हैं। दिल्ली सरकार की सिफारिश मान कर वे या तो मुकेश को पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर दें या फाइल को राष्ट्रपति के पास भेज दें। उन्होंने एलजी पर आरोप लगाया कि उनके पास दिल्ली सरकार की ओर से सुझाए नाम को बदलने की शक्ति नहीं है, फिर भी वे लगातार कानून तोड़ रहे हैं।
भारद्वाज ने कहा कि एलजी ने पिछली बार मनगढ़ंत तरीके से मुकेश का नाम पीठासीन अधिकारी के पद से हटाया था। एलजी ने कहा था कि मुकेश पर मामला दर्ज है, जबकि असलियत यह है कि मुकेश पर कोई एफआईआर नहीं है। दिल्ली सरकार ने सोच समझकर इस बार भी सबसे वरिष्ठ सदस्य मुकेश का नाम भेजा है। ऐसे में एलजी वर्षों से चली आ रही परंपरा के साथ रहें। दिल्ली सरकार की सिफारिश को मानना उनकी बाध्यता है।
भारद्वाज ने कहा कि एलजी को लगातार सुप्रीम कोर्ट से नोटिस मिल रहे हैं। डीआरसी के मामले में एक और नोटिस मिला है। करीब तीन हफ्ते पहले एल्डरमैन गलत तरीके से नियुक्त करने पर नोटिस मिला है। एल्डरमैन को मताधिकार का अधिकार देने का नोटिस मिला और फिर मताधिकार के नोटिस को हटाया गया। फिनलैंड में अध्यापकों को ट्रेनिंग से रोकने पर एलजी को नोटिस मिला।