आप ने बताया, क्यों नोटबंदी के बाद हर चुनाव जीती भाजपा
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सौरभ भारद्वाज ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जब इस देश में नोटबंदी लागू की गई थी तो मीडिया के हर माध्यम में बताया जा रहा था कि लोग नोटबंदी से परेशान हैं। उस वक्त माहौल था कि लोग इससे खुश नहीं हैं लेकिन एक खास बात जो देखने में आई वो ये नोटबंदी बाद हुए सभी चुनावों भाजपा की जीत हुई।
सौरभ ने आरोप लगाया कि इस विरोधाभास के बावजूद देशभर में जितने भी चुनाव हुए सब में भाजपा को जीत मिली। इसी दौरान कई जगहों से ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें भी आईं। अकेले धौलपुर में 26 मशीनें खराब होने की खबर रही। लेकिन इसे आप इत्तेफाक नहीं कह सकते कि जहां भी गड़बड़ी सामने आई वहां भाजपा जीती।
चुनाव आयोग से आप की दो मांगें...
पहली मांग= हर ईवीएम में लगाया जाए वीवीपीएएटी।
दूसरी मांग= ईवीएम को हैकेथॉन के लिए क्यों नहीं रखा जा रहा।
बता दें कि इससे पहले आम आदमी पार्टी के सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में ईवीएम टेंपरिंग का डेमो दिया था। इसके बाद गोपाल राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि पार्टी ईवीएम के मुद्दे पर चुनाव आयोग के बाहर धरना देगी।
वहीं, दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आयकर विभाग ने 'आप' के चंदे जुड़ी रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंप दी है। बता दें कि पार्टी पर चंदे में गड़बड़ी का आरोप है।
चंदा मामले में बढ़ सकती हैं आप की मुश्किलें
इन दिनों कई मुसीबतों से घिरी आम आदमी पार्टी और उसके मुखिया मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं। दरअसल यह परेशानी इनकम टैक्स विभाग ने बढ़ाई है जिसने चुनाव आयोग को आम आदमी पार्टी के चंदे से जुड़ी रिपोर्ट भेज दी है।
इनकम टैक्स विभाग आम आदमी पार्टी के ट्रस्ट और पार्टी होने के दस्तावेजों पर भी पुनर्विचार करेगा। आप के खातों का स्पेशल ऑडिट कराया जा सकता है।
सिर्फ यही नहीं चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी को राजनीतिक पार्टी के नाते मिली आयकर छूट खत्म करने पर भी विचार कर रहा है। इससे पहले पार्टी को मिले कथित दो करोड़ के चंदे के मामले में आयकर विभाग ने साफ किया था कि पार्टी इसके सबूत नहीं दे पाई है। ऐसे में यह रकम पार्टी की कमाई के तौर पर देखी जाएगी। साल 2015 में 50 लाख के चार ड्राफ्ट के जरिए यह पैसा आया था।