दिल्ली में छिनने वाली है AAP की जमीन!
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आम आदमी पार्टी अपने ही गढ़ यानी राजधानी दिल्ली में अपनी जमीन बनाए रखने की जद्दोजहद कर रही है। लोकसभा चुनाव के बाद AAP की ये मुश्किल और भी बढ़ने वाली है।
दिल्ली में 49 दिनों तक सरकार चलाने के बाद इस्तीफा देने पर फजीहत झेल रही AAP के दिग्गज नेता भी अब पार्टी की डूबती नैया को पार लगाने के लिए चिंतित हैं।
पार्टी की फिक्र यह है कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो आगे चलकर उनकी मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।
आसान नहीं है AAP की राह
दरअसल, गर्मी शुरू होते ही दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में पानी व बिजली की किल्लत शुरू हो गई है। समस्याओं के मारे लोग पार्टी विधायकों के पास पानी व बिजली की शिकायतें लेकर फरियादी पहुंचने लगे हैं।
विधायकों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि अगर राज्य में AAP की सरकार होती तो वे अपने रुतबे का इस्तेमाल करके अपने समर्थकों को राहत दिला देते।
कांग्रेस व भाजपा के कई नेताओं के पास तो अपने टैंकर भी हैं, लेकिन AAP विधायकों के लिए राह आसान नहीं है। इसकी वजह यह है कि ज्यादातर आप विधायकों की सिस्टम तक मजबूत पहुंच नहीं है जबकि कई के पास टैंकर भी नहीं हैं।
अभी भी बरकरार है ये उम्मीद
भाजपा व कांग्रेस के विधायकों को थोड़ी सहूलियत इसलिए होगी क्योंकि पुराने संबंधों व तजुर्बे के सहारे वह किसी तरह उनको समझा देंगे, लेकिन पहली बार विधानसभा पहुंचे AAP के विधायक ज्यादा कुछ करने की हालत में नहीं होंगे। ऐसे में चुनाव के दौरान दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
पार्टी के एक नेता ने उम्मीद जताई है कि चुनाव होते-होते लोगों के हाथ में कम से कम पानी व बिजली के चार माह के बिल होंगे। एक AAP सरकार का राहत वाला जनवरी-मार्च का बिल और दूसरा सब्सिडी हटने के बाद अप्रैल-मई का बिल।
इससे लोगों को समझाना आसान होगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव तक ज्यादातर विधायक दिल्ली से बाहर हैं। चुनाव खत्म होने के बाद असली समस्या आएगी। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने माना कि बिजली व पानी की कमी से परेशान लोग विधायकों के पास जाएंगे।
बीजेपी ने भी छोड़ा चुनावी तीर!
उधर, दिल्ली प्रदेश भाजपा ने बिजली-पानी के संभावित संकट के मद्देनजर राजधानी के लोगों में अपनी पैठ बनाने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी ने एलजी से आग्रह किया है कि वे गर्मियों में दिल्लीवासियों के लिए बिजली और पानी की पर्याप्त आपूर्ति की व्यवस्था कराएं।
माना जा रहा है कि प्रदेश भाजपा का यह प्रयास विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा है। हर्षवर्धन ने कहा कि मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 20 अप्रैल के बाद राजधानी के तापमान में अचानक तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह एक बाल्टी पानी के लिए एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। दुर्भाग्य की बात है कि टैंकर माफिया पर रोक नहीं लग पाई है। जिन लोगों के पास बाहुबल और धनबल है, केवल उन्हें ही टैंकर का पानी मिल पाता है।