दिल्ली के वोटरों ने फिर बदली पसंद, AAP को दिया झटका
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राजधानी की सुरक्षित विधानसभा सीटों के मतदाता लगातार पसंद बदल रहे हैं। कभी कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक रहे सुरक्षित सीटों के मतदाता विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ चला गया था।
इस लोकसभा चुनाव में एक बार फिर बड़ा बदलाव हुआ और यह वोट बैंक ‘आप’ की झोली से निकलकर भाजपा के पाले में पहुंच गया।
दिल्ली में कुल 12 सुरक्षित विधानसभा सीटें हैं। विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने इसमें से नौ सीटों पर जीत हासिल की थी। बाकी दो सीट भाजपा और कांग्रेस के खाते में गई थी।
AAP के पास सिर्फ दो सीटें
इस लोकसभा चुनाव में ‘आप’ को इन मतदाताओं से बेहद उम्मीद थी, लेकिन लोकसभा में नतीजे ठीक उलट आए।
सातों लोकसभा सीट के अंतर्गत पड़ने वाली इन 12 सुरक्षित विधानसभा सीटों पर नजर डालें तो ‘आप’ विधानसभा चुनाव की तुलना में 12 में से महज दो सीट पर अधिकतर वोट हासिल कर पाई।
बाकी जगह भाजपा को जबरदस्त समर्थन मिला है। ‘आप’ के पास केवल सीमापुरी (47491 वोट) और देवली (53402 वोट) सीट ही बची है।