क्या यूपीए का फैसला पलटेगी मोदी सरकार?
आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दिल्ली के बजट में बिजली की दरों में पचास फीसदी की कटौती के साथ सात सौ लीटर मुफ्त पानी देने का वित्तीय प्रावधान किया जाए।
आप का कहना है कि एनडीए सकार ने हालांकि पिछली यूपीए यूपीए सरकार के फैसले को जारी रखते हुए दिल्ली विधानसभा को निलंबित अवस्था में रखा है।
फिर भी, बिजली-पानी जैसे आम लोगों से जुड़े मामलों में उसे यूपीए सरकार के फैसले को पलटना चाहिए।
AAP ने रखी है ये दलील
आप की दलील है कि इस फैसले से दिल्ली विधानसभा की तत्कालीन भावना का सम्मान होगा। उस समय 90 फीसदी विधायक बिजली-पानी सस्ती करने के फैसले के साथ खड़े थे। लेकिन मार्च के बाद यूपीए सरकार ने सब्सिडी वापस ले ली थी।
पार्टी का कहना है कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए सरकार फिलहाल दिल्ली में सरकार बनाने के मुद्दे पर स्थिति साफ करने में हिचक रही है।
लेकिन उसे कम से कम बिजली पानी की दरों पर दी जाने वाली राहत को दोबारा लागू किया जाना चाहिए।