ये गांव राष्ट्रीय टीम को दे चुका है सैंकड़ों खिलाड़ी
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निजामपुर... दिखने में दिल्ली से सटे अन्य साधारण गांवों की तरह ही। टूटी सड़कें, सुविधाओं का अभाव। फिर भी कुछ तो ऐसा है, जो इस गांव का सीना गर्व से चौड़ा कर देता है।
देश की राजधानी से 36 किलोमीटर की दूरी पर बसे इस गांव से बस एक ही आवाज आती है...कबड्डी, कबड्डी, कबड्डी। यहां कबड्डी का इतिहास बरसों पुराना है।
3000 जनसंख्या वाले इस गांव के हर शख्स का दिल कबड्डी के लिए धड़कता है। भारतीय कप्तान और अर्जुन पुरस्कार विजेता राकेश कुमार समेत कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने गांव का नाम रोशन कर चुके हैं।
जबकि प्रो कबड्डी टीम दबंग दिल्ली के डिफेंडर अमित सिंह छिल्लर और मनजीत छिल्लर समेत 100 से ज्यादा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
भारतीय टीम के कप्तान भी इसी गांव से
दबंग दिल्ली के डिफेंडर अमित छिल्लर इसी गांव से हैं और उन्होंने लीग के पहले संस्करण में शानदार प्रदर्शन कर अपने गांव के सुनहरे इतिहास में एक और पन्ना जोड़ा था।
पिछले साल वह 29 अंक हासिल कर शीर्ष 20 डिफेंडरों में शुमार हुए। दो बार उन्हें सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर के पुरस्कार से भी नवाजा गया। भारतीय टीम के कप्तान और अर्जुन पुरस्कार विजेता राकेश कुमार भी इसी गांव से हैं हम कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले मैं निजामपुर में था और सभी ने मुझे शुभकामनाएं दी। सभी की आंखों में एक जोश मुझे साफ दिख रहा था। न सिर्फ मेरा परिवार बल्कि पूरा गांव ही अपने सारे काम जल्द निपटाकर कबड्डी के मुकाबले देखने के लिए उत्सुक रहता है। -अमित छिल्लर