घुट रहा सबका दम: दिल्ली-NCR पर छाई स्मॉग की मोटी चादर, गोपाल राय बोले- इसे हटाने के लिए करवानी पड़ेगी बारिश
विशेषज्ञों से चर्चा के बाद यह बात सामने आई है कि अब वह समय आ गया है कि स्मॉग की चादर को तोड़ने के लिए कृत्रिम बारिश करवाई जाए। इसलिए चौथी बार फिर से केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को पत्र लिखा है।
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राजधानी को गैस चैंबर से निकालने के लिए दिल्ली सरकार ने कृत्रिम बारिश करवाने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र से संपर्क किया है। केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह को भेजे गए पत्र में दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि मौजूदा समय में दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है। इससे लोगों का दम घुट रहा है। इसको हटाने के लिए कृत्रिम वर्षा करवानी पड़ेगी। इसके लिए केंद्र को आवश्यक कदम उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से दखल देने की मांग की है।
गोपाल राय ने बताया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान हो या फिर बिहार ही क्यों न हो, आज पूरा उत्तर भारत प्रदूषण की मार झेल रहा है। आसमान पर स्मॉग की एक चादर फैली हुई है। वातावरण में मौजूद प्रदूषित कण बुजुर्गों और बच्चों की सांसों पर भारी पड़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप 4 की पाबंदियों लागू कर दी गई हैं।
विशेषज्ञों से चर्चा के बाद यह बात सामने आई है कि अब वह समय आ गया है कि स्मॉग की चादर को तोड़ने के लिए कृत्रिम बारिश करवाई जाए। इसलिए चौथी बार फिर से केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को पत्र लिखा है। इसमें बताया गया है कि वह तुरंत दिल्ली सरकार और कृत्रिम बारिश की सलाह देने वाले आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की बैठक बुलाएं। इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, नागर विमानन निदेशालय समेत दूसरे संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहें।
अभी तक केंद्र से नहीं मिला जवाब
गोपाल राय ने बताया कि उन्होंने केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री इस बारे में पहले बीते 30 अगस्त को पत्र लिखा था। इसमें गुजारिश की गई थी कि संबंधित विभागों के साथ बैठक करके कृत्रिम बारिश की पहले तैयार कर ली जाए। लेकिन केंद्रीय मंत्री ने कोई बैठक नहीं बुलाई। इसके बाद दिल्ली सरकार ने फिर से 10 अक्तूबर व 23 अक्तूबर पत्र लिखा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। केन्द्रीय कृषि और केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री के साथ अक्तूबर में ऑनलाइन मीटिंग के दौरान भी इसकी बात हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह अपने पर्यावरण मंत्री को कृत्रिम बारिश के संबंध में इमरजेंसी मीटिंग बुलाने का आदेश दे। ताकि समस्या का समाधान हो सके।