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Delhi NCR News: चार नाटकों में दिखी समाज और व्यवस्था की तस्वीर
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नई दिल्ली। पंचानन पाठक स्मृति सप्ताहांत हास्य नाट्य समारोह के तहत एलटीजी सभागार में चार हास्य नाटकों का मंचन हुआ। सुबह से रात तक चली प्रस्तुतियों में कहीं अंधविश्वास और पाखंड पर चोट की गई, तो कहीं सरकारी लालफीताशाही पर व्यंग्य किया गया।
सुबह 11 बजे अरुणेंद्र नाथ वर्मा लिखित चमत्कार प्राइवेट लिमिटेड का मंचन हुआ। मणि वर्मा के निर्देशन में स्वयंभू धर्मगुरुओं की आड़ में अंधविश्वास फैलाने पर व्यंग्य किया गया। दोपहर एक बजे हाय रे अनारकली ने मुगलकालीन पात्रों को आज के दौर में लाकर लोकतंत्र, कानून और तकनीक से रूबरू कराया।
शाम चार बजे अजय शुक्ला लिखित ताजमहल का टेंडर मंचित हुआ। आरके आहूजा के निर्देशन में कल्पना की गई कि शाहजहां आज ताजमहल बनवाना चाहें तो फाइलों, निविदाओं और कमीशन के चक्कर लगाने पड़ेंगे। शाम सात बजे मास बंक के साथ समारोह समाप्त हुआ। साक्षी सुनील लिखित और सुनील चौहान निर्देशित इस नाटक में स्कूल की दोस्ती, शरारत और बंक की यादें मंच पर उतरीं। संवाद
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सुबह 11 बजे अरुणेंद्र नाथ वर्मा लिखित चमत्कार प्राइवेट लिमिटेड का मंचन हुआ। मणि वर्मा के निर्देशन में स्वयंभू धर्मगुरुओं की आड़ में अंधविश्वास फैलाने पर व्यंग्य किया गया। दोपहर एक बजे हाय रे अनारकली ने मुगलकालीन पात्रों को आज के दौर में लाकर लोकतंत्र, कानून और तकनीक से रूबरू कराया।
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शाम चार बजे अजय शुक्ला लिखित ताजमहल का टेंडर मंचित हुआ। आरके आहूजा के निर्देशन में कल्पना की गई कि शाहजहां आज ताजमहल बनवाना चाहें तो फाइलों, निविदाओं और कमीशन के चक्कर लगाने पड़ेंगे। शाम सात बजे मास बंक के साथ समारोह समाप्त हुआ। साक्षी सुनील लिखित और सुनील चौहान निर्देशित इस नाटक में स्कूल की दोस्ती, शरारत और बंक की यादें मंच पर उतरीं। संवाद
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