{"_id":"69947a376952003e5902530e","slug":"a-murder-convict-who-was-absconding-on-parole-was-arrested-from-delhi-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-124476-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: फरलो लेकर फरार चल रहा हत्या का उम्रकैद दोषी दिल्ली से गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: फरलो लेकर फरार चल रहा हत्या का उम्रकैद दोषी दिल्ली से गिरफ्तार
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने फरलो पर रिहा होने के बाद 2021 से फरार चल रहे 2013 के हत्या में एक उम्रकैद के दोषी को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया है। पहचान रॉबिन तामांग उर्फ जोजो (45) के रूप में हुई है। उसे 2013 में अपने मित्र की हत्या के मामले में दोषी ठहराया था। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम के अनुसार तामांग को 3 सितंबर 2020 को मंडोली जेल से तीन सप्ताह की फरलो पर रिहा किया था। यह अवधि समय-समय पर बढ़ाकर 15 मार्च 2021 तक की गई थी। हालांकि, निर्धारित तिथि पर उसने आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया। मामला 2013 का उस समय का है, जब तामांग एक महिला परिचित के घर पहुंचा और अपने मित्र नीरज को बाहर बुलाया। महिला से संबंध को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो झगड़े में बदल गई। इसी दौरान तामांग ने नीरज के सीने में कई बार चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया था। फरलो पर रिहा होने के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा। पुलिस के मुताबिक वह पश्चिम बंगाल स्थित अपने पैतृक गांव के अलावा नागालैंड, मेघालय, हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में भी छिपता रहा। पहचान छिपाने के लिए वह सड़क किनारे ढाबों और खाने-पीने की दुकानों पर हेल्पर के रूप में काम करता था।
विज्ञापन
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने फरलो पर रिहा होने के बाद 2021 से फरार चल रहे 2013 के हत्या में एक उम्रकैद के दोषी को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया है। पहचान रॉबिन तामांग उर्फ जोजो (45) के रूप में हुई है। उसे 2013 में अपने मित्र की हत्या के मामले में दोषी ठहराया था। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम के अनुसार तामांग को 3 सितंबर 2020 को मंडोली जेल से तीन सप्ताह की फरलो पर रिहा किया था। यह अवधि समय-समय पर बढ़ाकर 15 मार्च 2021 तक की गई थी। हालांकि, निर्धारित तिथि पर उसने आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया। मामला 2013 का उस समय का है, जब तामांग एक महिला परिचित के घर पहुंचा और अपने मित्र नीरज को बाहर बुलाया। महिला से संबंध को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो झगड़े में बदल गई। इसी दौरान तामांग ने नीरज के सीने में कई बार चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया था। फरलो पर रिहा होने के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा। पुलिस के मुताबिक वह पश्चिम बंगाल स्थित अपने पैतृक गांव के अलावा नागालैंड, मेघालय, हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में भी छिपता रहा। पहचान छिपाने के लिए वह सड़क किनारे ढाबों और खाने-पीने की दुकानों पर हेल्पर के रूप में काम करता था।