{"_id":"5a96d99c4f1c1b641f8b833f","slug":"a-monkey-trapped-in-telephone-wire-on-tree-for-72-hours-at-delhi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"...जब तारों के बीच 72 घंटे तक हवा में लटकती रही जिंदगी, फिर हुआ चमत्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...जब तारों के बीच 72 घंटे तक हवा में लटकती रही जिंदगी, फिर हुआ चमत्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:02 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
72 घंटे तक तारों के बीच हवा में एक जिंदगी लटकती रही। फिर चमत्कार हुआ और बच गई उसकी जान। घटना देश की राजधानी दिल्ली की है।
उद्योग भवन के बाहर एक पेड़ पर तार में फंसकर 72 घंटे तक लटके रहे बंदर को एक गैर सरकारी संस्था के प्रयास से बचा लिया गया। पेड़ पर फंसकर लटके रहने से बंदर की हालत बेहद नाजुक हो गई थी।
दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग ने भी इस दौरान मौके पर एकत्रित हुई लोगों की भारी भीड़ पर नियंत्रण किया और बंदर को बचाने में संस्था की मदद की। उद्योग भवन के बाहर पेड़ पर खेलते हुए बंदर तार में उलझने के बाद पेड़ पर ही फंस गया था।
इस बारे में पता लगने पर लोगों ने मामले की सूचना पुलिस और दमकर विभाग को दी। बंदर के 72 घंटे तक पेड़ पर लटके रहने के बाद वन्यप्राणी संरक्षण करने वाली गैर सरकारी की मदद से बुधवार को पेड़ से उतारा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उद्योग भवन के बाहर एक पेड़ पर तार में फंसकर 72 घंटे तक लटके रहे बंदर को एक गैर सरकारी संस्था के प्रयास से बचा लिया गया। पेड़ पर फंसकर लटके रहने से बंदर की हालत बेहद नाजुक हो गई थी।
दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग ने भी इस दौरान मौके पर एकत्रित हुई लोगों की भारी भीड़ पर नियंत्रण किया और बंदर को बचाने में संस्था की मदद की। उद्योग भवन के बाहर पेड़ पर खेलते हुए बंदर तार में उलझने के बाद पेड़ पर ही फंस गया था।
विज्ञापन
इस बारे में पता लगने पर लोगों ने मामले की सूचना पुलिस और दमकर विभाग को दी। बंदर के 72 घंटे तक पेड़ पर लटके रहने के बाद वन्यप्राणी संरक्षण करने वाली गैर सरकारी की मदद से बुधवार को पेड़ से उतारा गया।
विज्ञापन
संस्था के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि बंदर जिस तार में फंसा वह टेलीफोन की तार थी। उन्होंने दिल्ली पुलिस और दमकल कर्मियों के सहयोग से बंदर को बचाने में काफी मदद मिलने की बात कही।
साथ ही उन्होंने कहा कि बंदर की हालत लटके-लटके काफी नाजुक हो गई थी, जिस कारण उसे उपचार के लिए अस्पताल में रखा गया है। पूरी तरह ठीक होने के बाद बंदर को उसके वास्तविक वातावरण में छोड़ दिया जाएगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि बंदर की हालत लटके-लटके काफी नाजुक हो गई थी, जिस कारण उसे उपचार के लिए अस्पताल में रखा गया है। पूरी तरह ठीक होने के बाद बंदर को उसके वास्तविक वातावरण में छोड़ दिया जाएगा।