आखिर मिल गया विजयपाल: पति-पत्नी के किए की सजा दो बेकसूर युवकों ने भुगती, चार महीने बाद सामने आई असलियत
पुलिस चार महीने से जिस शख्स को तलाश रही थी वह इटावा में भट्टे पर नौकरी करता हुआ मिला। जानकारी होने पर पुलिस उसे अपने साथ ले आई।
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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की पुलिस जिस शख्स की तलाश में चार महीने से खाक छान रही थी, वह इटावा में भट्टे पर नौकरी करता हुआ मिला। जानकारी होने पर पुलिस उसे अपने साथ ले आई। मामले में पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए सोमवार को दो लोगों को अपहरण के आरोप में जेल भेजा था।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भराना निवासी पूजा ने पुलिस में शिकायत करते हुए बताया था कि उसके पति विजयपाल को गांव निवासी हरवीर, गांव नूरपुर थाना जारचा निवासी रोहित 25 अप्रैल को घर से बुलाकर ले गए थे। उसके बाद से उसका पति घर नहीं लौटा। पूजा की शिकायत पर पुलिस पिछले चार महीने से विजयपाल की तलाश में खाक छान रही थी।
जिसको लेकर पुलिस लोगों से पूछताछ भी कर रही थी। विजयपाल के नहीं मिलने पर सोमवार को पुलिस ने पूजा की तहरीर पर हरवीर, रोहित के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बताया गया कि सोमवार की रात में विजयपाल ने पत्नी पूजा को फोन कर बताया कि वह इटावा में एक भट्टे पर नौकरी कर रहा है।
जिसके आधार पर पुलिस रात में ही इटावा पहुंची और विजयपाल को अपने साथ ले आई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में विजयपाल ने बताया कि पत्नी से झगड़ा होने के कारण वह नाराज होकर घर छोड़कर चला गया था। अब पुलिस जेल भेजे गए हरवीर, रोहित को जेल से बाहर निकलने के प्रयास में लगी है। निरीक्षक राजपाल सिंह तोमर ने बताया कि पत्नी की तहरीर पर आरोपी बनाए गए हरवीर, रोहित को जेल से छुड़ाने का पुलिस प्रयास कर रही है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।