Delhi: जाम होगा खत्म... कालिंदी कुंज चौराहे पर बनेगा फ्लाईओवर, गोल्डेन लाइन पर सुरंग बनाने में मिली कामयाबी
दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने फेज-4 में गोल्डेन लाइन पर 792 मीटर सुरंग बनाने में कामयाबी हासिल की है। तुगलकाबाद रेलवे बस्ती भूमिगत स्टेशन पर मशीन से सुरंग बनाने का काम किया गया।
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कालिंदी कुंज चौराहे पर यातायात जाम की समस्या की परेशानी जल्द ही दूर होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक इंटरचेंज सुविधा और एक फ्लाईओवर बनाने की योजना बना रहा है। ऐसे में ओखला बैराज के पास दिल्ली-नोएडा रोड और आगरा कैनाल रोड को जोड़ने वाले कालिंदी कुंज पुल पर खराब यातायात की आवाजाही को सुधारने के संबंध में संरचनाओं के निर्माण के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एक सलाहकार को नियुक्त करेगा। योजना के अनुसार, 500 मीटर लंबी इंटरचेंज सुविधा की योजना बनाई जा रही है, जिसकी अनुमानित निर्माण लागत 500 करोड़ रुपये है। कालिंदी कुंज चौराहे पर दक्षिणी दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद से आने वाला यातायात एक जगह पर आकर मिल जाता है, जिससे सुबह और शाम के व्यस्त घंटों में यातायात जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
एक सरकारी दस्तावेज के अनुसार, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने दैनिक यात्रियों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवहार्यता अध्ययन कराया था। साथ ही, रिपोर्ट में यातायात के टकराव को खत्म करने के लिए कालिंदी कुंज चौराहे पर इंटरचेंज और फ्लाईओवर के निर्माण की सिफारिश की गई थी।
दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के क्षेत्रों का किया अध्ययन
अध्ययन केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) की तरफ से कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन व दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वालों का उपयोग करके किया गया था। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बीच एक बैठक के दौरान इस मामले पर चर्चा की गई थी। एक अधिकारी की अनुसार, बैठक में कालिंदी कुंज में गंभीर यातायात भीड़ को दूर करने पर जोर दिया गया। मौजूदा समय में डीपीआर तैयार करने के लिए निविदा 23 जून की समय सीमा के साथ आमंत्रित की गई है।
दिल्ली बनेगी दिव्यांगों की ‘पर्पल सिटी’ सुगम्य अभियान से बढ़ेंगी सुविधाएं
दिल्ली दिव्यांगों के अनुकूल ‘पर्पल सिटी’ में तब्दील होगी। ‘सुगम्य दिल्ली अभियान’ से ये सपना साकार होगा। इसके लिए राजधानी के सभी सरकारी भवन और खेल स्टेडियम दिव्यांग अनुकूल होंगे। दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा के साथ बैठक कर ‘सुगम्य दिल्ली अभियान’ की रूपरेखा तैयार की।
दिल्ली सरकार समाज के हरएक व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लक्ष्य को साधने की तरफ कदम बढ़ा रही है। इस अभियान से दिव्यांगों को खेल, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं में बराबरी का मौका मिलेगा। सरकारी भवन और खेल स्टेडियम में दिव्यांगों के लिए रैम्प, लिफ्ट, ब्रेल चिह्न, व्हीलचेयर, श्रव्य-दृश्य सहायता अनिवार्य रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान 2015 के ‘सुगम्य भारत अभियान’ का स्थानीय विस्तार है, जो सरकार, समाज और बाजार के सहयोग से आगे बढ़ेगा। आईडीईए (समावेशी दिव्यांगजन उद्यमी संघ) इसकी अगुवाई करेगा और दिव्यांगों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी देगा। सुगम्य दिल्ली अभियान में 21 विकलांगता श्रेणियों और वरिष्ठ नागरिकों को शामिल कर समाज में जागरूकता बढ़ाई जाएगी। शनिवार को हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद और दिव्यांगजन आयुक्त कार्यालय के अधिकारी भी इसमें मौजूद रहे।
दिल्ली मेट्रो के फेज-4 में खोदी गई सुरंग के समानांतर दूसरी सुरंग जुलाई तक होगी तैयार
दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने फेज-4 में गोल्डेन लाइन पर 792 मीटर सुरंग बनाने में कामयाबी हासिल की है। तुगलकाबाद रेलवे बस्ती भूमिगत स्टेशन पर मशीन से सुरंग बनाने का काम किया गया। परिवहन विभाग मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने शनिवार को निर्माण स्थल का दौरा किया। उनके साथ डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। परिवहन मंत्री ने कहा कि मेट्रो के रुके काम अब तेजी से पूरे हो रहे हैं, जो दिल्ली को विश्वस्तरीय ढांचा प्रदान करेगा। सुरंग निर्माण में सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है। आसपास की इमारतों पर संवेदनशील उपकरणों से जमीन की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिससे कोई क्षति नहीं हुई। फेज-4 में 40.109 किलोमीटर भूमिगत लाइन का निर्माण चल रहा है, जिसमें एरोसिटी–तुगलकाबाद कॉरिडोर की 19.343 किलोमीटर सुरंगें शामिल हैं।
उत्तम नगर में सड़कों और नालियां बनाने पर खर्च होंगे 3.55 करोड़
उत्तम नगर में टी-ए और बी-ब्लॉक में 3.55 करोड़ से सड़कों और नालियों का काम किया जाएगा। इस काम को 180 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पुरानी सड़कों को तोड़कर एम-10 और एम-30 ग्रेड की कंक्रीट से नई सड़कें बनेंगी। नालियों को ईंटों और प्री-कास्ट मैनहोल कवर से आधुनिक बनाया जाएगा। इसमें रेडी मिक्स कंक्रीट और पुनर्चक्रित सामग्री का उपयोग कर पर्यावरण का भी ख्याल रखा जाएगा।
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इस परियोजना के अंतर्गत निर्माण एजेंसी साइट पर ही आरएमसी को तैयार करेगी। निर्माण सामग्री की थर्ड पार्टी जांच भी होगी। पांच साल तक मुफ्त रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए ट्रैफिक डायवर्जन, रात में रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। पारदर्शिता के लिए साइट पर नोटिस बोर्ड लगेगा, जहां शिकायत नंबर और कार्य का विवरण रहेगा।
स्थानीय लोगों को मिलेगा बेहतर बुनियादी ढांचा
विभाग के मुताबिक यह परियोजना न केवल बेहतर बुनियादी ढांचा देगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ाएगी। बारिश में जलभराव और टूटी सड़कों की समस्या खत्म होगी। उत्तम नगर की तर्ज पर दिल्ली की अन्य अनाधिकृत कॉलोनियों में भी बेहतर सड़कें, साफ नालियों का निर्माण किया जाएगा।
भोरगढ़ बनेगा स्वच्छ-सुरक्षित औद्योगिक क्षेत्र, पुनर्विकास की तैयारी शुरू
दिल्ली सरकार ने भोरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र (बवाना चरण-2) को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए एक ठेकेदार नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही दस अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) गठित होगी, जिससे राजधानी के औद्योगिक इलाके विश्वस्तरीय बनेंगे। दिल्ली सरकार भोरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र को एक आदर्श औद्योगिक जोन में बदलने जा रही है। उद्योग मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत भोरगढ़ में सड़क, नाले, बिजली, पार्क, कचरा प्रबंधन, सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण का पूरा ख्याल रखा जाएगा। ठेकेदार गड्ढा-मुक्त सड़कें, जलभराव रोकने वाले नाले, ऊर्जा-कुशल बत्तियां, हरियाली भरे पार्क, कचरा संग्रह, धुंध-विरोधी तोपें, और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, ओखला, पटपड़गंज, बाड़ली, नांगलोई, वजीरपुर, रानी झांसी और झिलमिल जैसे दस औद्योगिक क्षेत्रों के लिए पीएमयू नियुक्त की जाएगी, जो ठेकेदारों के चयन और कार्य की निगरानी करेगी। नरेला-बवाना में पीपीपी मॉडल की सफलता के बाद अब यह योजना अन्य क्षेत्रों में लागू होगी।
नजफगढ़-ढांसा रोड पर नई तकनीक से बनेंगी सड़कें
नजफगढ़-ढांसा रोड पर आवागमन आसान बनाने के लिए नई तकनीक से सड़कें बनाई जाएंगी। काजीपुर और रावता मोड़ तक सड़कों को नया स्वरूप मिलेगा। दिल्ली सरकार ने 1.40 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया है।
लोक निर्माण विभाग ने दो महीने में काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसमें काजीपुर और जाफरपुर में पहले सीवर लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। उसके बाद सड़कों का निर्माण शुरू होगा। इस परियोजना में बिटुमिनस रोड निर्माण, ग्रैनुलर सब-बेस, वेट मिक्स मैकडम और डेंस बिटुमिनस मैकडम का उपयोग होगा, जो सड़कों को टिकाऊ और मजबूत बनाएगा। इससे जलनिकासी बेहतर रहेगी और भारी वाहनों के आवागमन से सड़क जल्दी खराब नहीं होगी।
चांदनी चौक की भी सड़कें सुधरेंगी
चांदनी चौक में लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक करीब 58.86 लाख रुपये की लागत से सड़कों, नालियों व अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा। पीडब्ल्यूडी इस परियोजना को तीन महीने में पूरा करेगा। इसमें कंक्रीट के अलावा रेड सैंडस्टोन बोलार्ड और ग्रेनाइट फ्लोरिंग लगाई जाएगी।
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