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एक परिवार में सिर्फ एक एसी कार
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 23 Jun 2015 11:38 PM IST
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प्रदूषण नियंत्रण को लगातार आदेश जारी कर रहा नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) अब एक परिवार में एसी लगी एक ही कार को स्वीकृति प्रदान कर सकता है।
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इससे पहले एक परिवार में एक ही डीजल वाली कार का नियम एनजीटी में विचाराधीन है। चौराहों पर कारों के एसी से हुआ प्रदूषण और तापमान को आधार बनाकर एक एनजीओ ने एनजीटी में इसकी याचिका दायर की है। परिवहन विभाग के अफसरों से इस पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है।
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एनसीआर में वाहनों से फैलने वाले प्रदूषण को लेकर एनजीटी कोर्ट गंभीर है। डीजल के 10 और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों को संचालन से बाहर करने का आदेश कोर्ट पहले ही जारी कर चुका है।
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वाहनों के धुएं से फैलने वाले प्रदूषण के साथ ही एसी का प्रदूषण भी आजकल चर्चाओं में है। एसी से निकलने वाली हानिकारक गैसों से वातावरण का तापमान बढ़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अफसरों से दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख चौराहों से सैंपल कलेक्ट करके पाया कि एसी वाले वाहनों से प्रदूषण ज्यादा फैल रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता सचिन सोनी ने परिवहन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी में याचिका दायर कर कर दी है। वाहनों से फैल रहे प्रदूषण पर एनजीटी में सुनवाई 13 जुलाई को है। उसके साथ ही एसी वाहन वाली याचिका पर भी सुनवाई होगी।