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नोट की चोट ने रोकी ट्रकों की चाल, 95 फीसदी बड़े से लेकर छोटे वाहन नहीं निकल पा रहे बाहर

Sun, 13 Nov 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 13 Nov 2016 12:11 AM IST
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95% of trucks are not moving due to demonetization
- फोटो : अमर उजाला
पीएम के 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने का फरमान ट्रांसपोर्ट पर भी पड़ता नजर आ रहा है। आलम यह है कि जिले के 95 प्रतिशत व्यवसायिक वाहनों के पहिए छोटे या नए नोटों की कमी की वजह से थम गए। यही नहीं निजी बसों में भी कमोबेश यही हालात हैं। अब ट्रांसपोर्टर हालात के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
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ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष वेदपाल चौधरी का कहना है कि बाजार में 100 रुपए के नोट की कमी ने उनका पूरा काम रोक दिया है। बड़े ट्रक नोएडा से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। चूंकि ट्रकों को बाहर भेजते समय ड्राइवर को 20 से 30 हजार रूपए खर्चे के लिए देना होता है। लेकिन यह रकम फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इस वजह से हालात बेकाबू हो गए हैं।
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उनका कहना है कि लोकल स्तर पर तो पेट्रोल पंपों पर काम चलाया जा सकता है। लेकिन शहर से बाहर दूसरे राज्यों में गाड़ी भेजना बेहद मुश्किल है। उनका कहना है कि अधिकांश वाहन अपनी जगह पर खड़े हैं। अब जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक वाहन भेजना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।
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5000 बड़े ट्रक हैं, करीब-करीब सभी खड़े हैं

95% of trucks are not moving due to demonetization
इसी तरह से एसोसिएशन के महासचिव साधुराम शर्मा ने बताया कि केवल 5 फीसदी गाड़ियां किसी तरह से चल पा रही हैं। कहीं कार्ड से पेट्रोल डलवा लिया या फिर स्थानीय स्तर पर उधार से काम चलवा लिया। लेकिन गाड़ी को बाहर भेजना मुश्किल है।

चूंकि पेट्रोल पंपों पर भी अब डीजल-पेट्रोल देने में आनाकानी की जा रही है। अभी फिलहाल दो दिन तक पेट्रोल पंपों पर पुराने नोट से काम चलाया जा सकता है। लेकिन उसके बाद क्या होगा। इसे सोचते हुए गाड़ियां लंबी दूरी के लिए नहीं भेजी जा रही है।

एसोसिएशन का कहना है कि यहां करीब 5000 बड़े ट्रक हैं, जो कि लंबी दूरी के लिए भेजे जाते हैं। यह करीब-करीब सभी खड़े हैं। यही नहीं मझोले साइज के करीब 3000 ट्रक हैं। इनमें से कुछ को चलाया जा रहा है। लेकिन यहां भी छुट्टे का पंगा आ रहा है। गाड़ी भेजते समय कई तरह की नकदी की जरुरत होती है, जिसे पूरा करना फिलहाल बेहद मुश्किल है।
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