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दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध 90 फीसदी वेंटिलेटर और 85 प्रतिशत आईसीयू बेड भरे
Fri, 13 Nov 2020 10:41 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 13 Nov 2020 10:41 PM IST
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अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज
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राजधानी में कई दिनों से संक्रमण के रोजाना सात हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं। गंभीर मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। इससे कई निजी अस्पतालों समेत सरकारी अस्पतालों में भी वेंटिलेटर बेड भर चुके हैं। सरकार का कहना है कि मरीजों के हिसाब से बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। दिल्ली से बाहर के कई मरीज गंभीर हालत में यहां के अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।
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दिल्ली कोरोना एप के मुताबिक कोरोना मरीजों के लिए 1328 वेंटिलेटर बेड है। इनमें से 1152 बेड भर चुके हैं। चिंता की बात यह है कि दिल्ली के 40 अस्पतालों में बेड पूरी तरह भर चुके हैं। इन अस्पतालों में लेडी हार्डिंग, दीनदयाल उपाध्याय, एलएनजेपी जैसे सरकारी अस्पतालों से लेकर अपोलो, मैक्स, सरगंगाराम जैसे बड़े निजी अस्पताल भी शामिल हैं। वेंटिलेटर बेड के अलावा 85 फीसदी आईसीयू बेड भी भर चुके हैं। अस्पतालों में कुल 2136 आईसीयू बेड में से महज 326 खाली हैं। दिल्ली के सबसे बड़े कबीर अस्पताल एलएनजेपी में भी अधिकतर आईसीयू बेड भर गए हैं और यहां सिर्फ बच्चों के इलाज के लिए आईसीयू बेड उपलब्ध है।
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दो सप्ताह में अस्पतालों में भर्ती हुए करीब ढाई हजार मरीज
राजधानी के अस्पतालों में दो सप्ताह में 2475 मरीज भर्ती हुए हैं। इस दौरान संक्रमण के 90 हजार मामले आए हैं। इस लिहाज से देखें तो महज तीन प्रतिशत मरीजों को ही अस्पतालों में भर्ती करने की जरूरत पड़ी है।
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स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कोविड अस्पतालों में अभी भी 50 फीसदी सामान्य बेड खाली हैं। सिर्फ आईसीयू और वेंटीलेटर बेड भर रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि कई लोग गंभीर हालत होने पर अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। इनमें एक बड़ी संख्या दिल्ली से बाहर के मरीजों की भी है। कई प्रमुख निजी अस्पतालों में बाहर के मरीज आकर भर्ती हो रहे हैं। सरकार आईसीयू बेड की संख्या भी बढ़ा रही हैं। दो सप्ताह में एक हजार से ज्यादा बेड बढ़ाए गए हैं।