फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   80 percent builders are defaulters So how do you get flat?

80% बिल्डर हैं डिफॉल्टर तो कैसे मिलेगा फ्लैट?

Thu, 20 Aug 2015 10:08 AM IST
Updated Thu, 20 Aug 2015 10:08 AM IST
विज्ञापन
80 percent builders are defaulters So how do you get flat?

ओखला पक्षी विहार से दायरा तय होने पर एनजीटी से तो राहत मिल जाएगी, मगर प्रोजेक्टों के कंपलीशन की राह में रोड़े और भी हैं, जिनमें सबसे बड़ा रोड़ा प्राधिकरण के बकाया भुगतान का है, जिसकी वजह से ज्यादातर बिल्डर डिफॉल्टर हो चुके हैं।

विज्ञापन


नोएडा के बिल्डरों पर लगभग 20,000 करोड़ रुपये बकाया है। यह बकाया ग्रुप हाउसिंग भूखंड लेने के एवज में है। बिल्डर भुगतान नहीं कर पा रहे, जिससे 80 फीसदी से ज्यादा बिल्डर डिफॉल्टर की श्रेणी में आ चुके हैं।

विज्ञापन


कई बिल्डरों पर तीन से ज्यादा किस्त बकाया होने के कारण 19 फीसदी की दर से ब्याज भी चढ़ रहा है। प्राधिकरण के नोटिस पर भी भुगतान नहीं कर रहे। ओखला पक्षी विहार से दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले 40 से अधिक बिल्डर की भी यही स्थिति है। इन पर प्राधिकरण की कई किस्तें बाकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

तो फिर कैसे मिलेगा आपको फ्लैट

80 percent builders are defaulters So how do you get flat?

दरअसल, प्राधिकरण बिल्डरों से भूखंड की कुल कीमत का दस फीसदी भुगतान लेकर आवंटन कर देता है। बाकी भुगतान आठ साल में 16 किस्तों में देना होता है।


मगर लीज में ही इस बात का भी प्रावधान है कि उस भूखंड पर बनने वाले प्रोजेक्ट को प्राधिकरण तब कंपलीशन देगा जब पूरा भुगतान मिल जाएगा। यानी बिल्डरों को अब तक का बकाया देने के साथ ही बाकी किस्तें भी जमा करानी होगी।

उसके बाद ही प्राधिकरण कंपलीशन देगा। बिल्डरों के लिए पूरा भुगतान करना इतना आसान नहीं है। कुछ बिल्डर तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने फ्लैट खरीदारों से पूरा भुगतान तो ले लिया है, मगर प्राधिकरण का पैसा नहीं जमा किया है।

कंपलीशन भी अटक सकता

80 percent builders are defaulters So how do you get flat?

प्राधिकरण से जानकारी के मुताबिक 19 बिल्डर ऐसे हैं, जिन्होंने कंपलीशन के लिए आवेदन भी कर रखा है। एनजीटी से मामला साफ होने के बाद इन सभी को कंपलीशन दिया जाना है।


ये प्रोजेक्ट सेक्टर-45, 46, 50, 52, 70, 75, 76, 77, 78, 100, 107, 108, 119, 120, 121 आदि में स्थित हैं। इसी तरह सेक्टर-16, 16ए, 94 आदि में स्थित मिश्रित उपयोग और व्यावसायिक संपत्तियों का कंपलीशन भी अटक सकता है।

बता दें, कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने ओखला पक्षी विहार के तीन तरफ 100 मीटर और एक तरफ 1.27 किलोमीटर को ईको सेंसिटिव जोन तय करते हुए एक सप्ताह में अधिसूचना जारी करने की बात कही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed