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दिल्ली एम्स में 10 साल से बिना वेतन इलाज कर रहे 70 विदेशी डॉक्टर, जीवनयापन हुआ मुश्किल

Tue, 22 Oct 2019 04:34 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Tue, 22 Oct 2019 04:34 AM IST
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70 foreign doctors giving non-paid services in Delhi AIIMS
एम्स दिल्ली - फोटो : सोशल मीडिया

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हर दिन सैकड़ों मरीजों का उपचार करने वाले विदेशी रेजीडेंट डॉक्टर बीते कई वर्षों से जीरो वेतन पर काम कर रहे हैं। इन्हें न तो किसी तरह का वेतन मिलता है और न ही आर्थिक सहायता। दिल्ली जैसे मेट्रो शहर में अपने परिवार के साथ इनका जीवनयापन अब मुश्किल में पड़ गया है। इसलिए नेपाल सरकार ने भी पीएमओ से इस मामले में दखल देने की अपील की है।

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दिल्ली एम्स में इस समय करीब 70 से ज्यादा विदेशी डॉक्टर हैं, जो सीनियर और जूनियर रेजीडेंट पद पर हैं। इनमें से ज्यादातर नेपाल के रहने वाले हैं। कुछ बांग्लादेश और श्रीलंका के हैं। इन डॉक्टरों का कहना है कि वर्ष 2009 तक दिल्ली एम्स में विदेशी डॉक्टर को वेतन दिया जाता था, लेकिन 10 वर्षों से वे निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं, जबकि इन्हीं पदों पर भारतीय डॉक्टर को करीब 80 हजार से एक लाख रुपये तक का मासिक वेतन सरकार दे रही है।
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उधर, एम्स प्रबंधन के अधिकारियों ने भी इस समस्या की पुष्टि की है। एम्स प्रबंधन के अनुसार, इसे लेकर जल्द ही राहत दी जाएगी। एम्स की वित्तीय समिति की आगामी बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा।
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सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर देवाशीष दास ने बताया कि दिल्ली एम्स, चंडीगढ़ पीजीआई और पुड्डुचेरी स्थित जेआईपीएमईआर सहित कई बड़े मेडिकल कॉलेजों में करीब 100 से ज्यादा नेपाल के डॉक्टर कार्यरत हैं। नेपाली रेजीडेंट डॉक्टर भी अस्पताल में भारतीय की भांति सेवाएं देते हैं। बावजूद, इन्हें वेतन या अन्य कोई भत्ता नहीं मिलता है, जबकि नेपाल के मेडिकल कॉलेजों में भारत से पहुंचे डॉक्टरों को बराबर वेतन मिलता है।

डॉ. अंसरूल हक का कहना है कि नेपाल सरकार ने भी इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पैरवी की है, जिसके बाद मंत्रालय से एम्स को निर्देश भी मिले हैं। वहीं, चंडीगढ़ पीजीआई ने भी इस पर काम शुरू कर दिया है, लेकिन मंद गति से सरकारी काम चल रहा है।


दिल्ली एम्स में कार्यरत जूनियर रेजीडेंट को कुल 88,032 रुपये मासिक वेतन मिलता है। इसमें 10,745 रुपये के आसपास कटौती की जाती है। यानी, उन्हें कुल 77,287 रुपये का वेतन प्राप्त होता है। ठीक इसी तरह सीनियर रेजीडेंट को कुल 101,741 में 10,745 की कटौती के बाद 90,996 रुपये मासिक वेतन मिलता है। विदेशी नागरिकता वाले डॉक्टर को ये सहायता नहीं मिल रही है।

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