दिलवालों की दिल्ली में दिल के मरीज सबसे ज्यादा, डॉक्टरों ने पेश की रिपोर्ट
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यूं तो दिल्ली की पहचान दिल वालों के रूप में की जाती है, लेकिन डॉक्टरों का दावा है कि दिल्ली में आधी से ज्यादा आबादी दिल की मरीज है। 69 फीसदी लोगों को दिल की बीमारियां घेर चुकी हैं। इसके पीछे वजह है उनका खानपान और रहन-सहन। बृहस्पतिवार को विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य पर डॉक्टरों ने एक रिपोर्ट पेश की है। मूलचंद अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एचके चोपड़ा का कहना है कि पेट की चर्बी बढ़ने से लोगों में हृदय रोग, मायोकार्डियल संक्रमण, हाइपरटेंशन और डिसलिपिडेमिआ आदि रोगों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए अब इस बात को लेकर जागरूक होने की आवश्यकता है कि अगर आपके पेट के आसपास चर्बी जमा है, तो हृदय रोग का खतरा है।
वहीं मैक्स अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक कुमार का मानना है कि मोटापा एक वजह जरूर है, लेकिन पतले लोगों में भी दिल की बीमारियां देखने को मिलती हैं। इसकी वजह बेड कोलेस्ट्रॉल अत्यधिक जमना है। आमतौर पर लोग समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल जांच नहीं कराते हैं। इसके कारण उन्हें पता नहीं चल पाता। दम घुटने या तीन मंजिल पर चढ़ने के दौरान लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है। वे कई डॉक्टरों के पास जाते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें फायदा नहीं होता। ये परेशानियां दिल की धमनियों में ब्लॉकेज लेकर उनके पास आ रहे मरीजों से ही सुनने को मिली हैं।
मैक्स अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा बताते हैं कि कुछ आसान और स्वस्थ तरीकों से पेट की चर्बी को नियंत्रित किया जा सकता है, जैसे सही खाना, जंक फूड का सेवन बिल्कुल नहीं, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद लेना और तनाव को कम करना। डॉ. मल्होत्रा का कहना है कि जो लोग ये सोचते हैं कि वे सप्ताह में एक बार बाहर का खाना खा रहे हैं तो वे स्वस्थ हैं तो ऐसा सोचना गलत है।
दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और हैदराबाद के लोगों पर किए गए इस अध्ययन के अनुसार, सबसे ज्यादा दिल्ली में दिल की बीमारियां हैं। यहां बाहरी खानपान का चलन ज्यादा है। तैलीय पदार्थों का अत्यधिक सेवन लोगों को बीमार बना रहा है, जबकि बच्चे भी इस सूची में आगे हैं। वहीं आहार विशेषज्ञ डॉ. नीलांजना सिंह का कहना है कि लोगों को सुबह से लेकर रात के भोजन तक अपनी थाली पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दिन भर काम का तनाव भी नहीं लेना चाहिए।