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एक साल में शहीद हुए देश के 662 जवान
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Oct 2014 08:58 AM IST
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शहीदी दिवस के मौके पर देशभर में पिछले एक वर्ष में शहीद हुए जवानों को मंगलवार को याद किया गया। इनकी याद में किंग्जवे कैंप, दिल्ली स्थित पुलिस लाइन में शोक परेड का आयोजन किया गया। पिछले एक वर्ष में पंजाब पुलिस के सबसे ज्यादा जवान शहीद हुए हैं।
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दूसरा नंबर उत्तर प्रदेश का है। पिछले एक वर्ष में दिल्ली पुलिस के 12 जवान शहीद हुए हैं। इस मौके पर दिल्ली पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त समेत रिटायर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व वर्तमान पुलिस अधिकारी मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों ने याद में दो मिनट का मौन धारण किया।
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गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस हर वर्ष 21 अक्तूबर को शहीदी दिवस के रूप में मनाती है। इस मौके पर देश भर के उन जवानों को याद किया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने शहीद हुए जवानों के नामों को उद्घोषित किया।
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एक सितंबर, 2013 से लेकर 31 अगस्त, 2014 तक एक वर्ष में पूरे देश में 662 पुलिस जवान शहीद हुए हैं। इनमें दिल्ली पुलिस के 12, आंध्रप्रदेश के 3, असम के 6, अंडमान निकोबार का एक, बिहार के 16, छत्तीसगढ़ के 19, गुजरात के 5, हिमाचल प्रदेश के छह, जम्मू-कश्मीर के 16, झारखंड के 18, कर्नाटक के 10, मध्य प्रदेश के चार, महाराष्ट्र के 16, मणिपुर के 3, नागालैंड के 1, उड़ीसा के छह, पंजाब के 205, राजस्थान के तीन, तमिलनाडु के एक, उत्तर प्रदेश के 126, उत्तराखंड के 16, पश्चिमी बंगाल के 21, अरुणाचल प्रदेश के तीन, केरल के दो, मेघालय के नौ, तेलंगाना के तीन, बीएसएफ के 42, सीबीआई के दो, सीआईएसएफ के 43, आईटीबीपी के 11, एनसीबी का एक, आरपीएफ के 13, एनआईए का एक, एसपीजी का एक और एसएसबी के दस जवान शामिल हैं।
21 अक्तूबर ही क्यों?
करीब 55 वर्ष पहले 21 अक्तूबर, 1959 को ही भारतीय पुलिस दल की एक छोटी टुकड़ी लद्दाख में तैनात थी। पहाड़ी में छिपे हुए चीनी सैनिकों के भारी दस्ते ने उन पर हमला कर दिया था। भारतीय पुलिस दल के 10 जवान शहीद हुए थे। तब से इस दिन शहीदों को याद करते हैं।