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शर्मनाक: दिल्ली का आधार कार्ड नहीं होने पर लोकनायक अस्पताल में 6 साल की बच्ची का नहीं हुआ एमआरआई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 09 Oct 2018 06:52 AM IST
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दिल्ली का आधार कार्ड नहीं होने पर नहीं हुई एमआरआई
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दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इन दिनों बड़ी ही विडंबना देखने को मिल रही है। भले ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली वालों को इलाज देने की तरजीह दी हो, लेकिन अन्य राज्यों से आने वाले मरीजों का इलाज नहीं किए जाने जैसी शर्मनाक घटना अब देखने को मिल रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल में एक छह साल की बच्ची को इसलिए वापस लौटा दिया, क्योंकि उसके पास आधार कार्ड नहीं था।
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दरअसल, इमराना नाम की महिला अपनी 6 साल की बच्ची का इलाज लोकनायक अस्पताल में करवा रही थी। बच्ची की पीठ पर जन्म से एक फोड़ा है, जो धीरे-धीरे बड़ा होता जा रहा है। इमराना का कहना है कि पहले बच्ची का इलाज हापुड़ में करवाया जा रहा था, लेकिन डेढ़ साल पहले वह दिल्ली आकर बस गए और यहां आने के कुछ समय बाद बच्ची का इलाज लोकनायक अस्पताल में करवाना शुरू कर दिया।
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कुछ दिनों पहले डॉक्टरों ने बच्ची का एमआरआई करवाने के लिए कहा था, लेकिन जब वह एमआरआई विभाग में गई तो उन्होंने आधार कार्ड देखकर मना कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि आधार कार्ड हापुड़ का है इसलिए एमआरआई नहीं हो सकता। इसके लिए दिल्ली का आधार कार्ड होना जरूरी है जबकि अस्पताल के ही एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि एमआरआई के लिए यहां पर आधार कार्ड की जरूरत नहीं होती। अभी तक केवल जीटीबी अस्पताल में ही यह नियम आया है कि दिल्ली से बाहर के मरीजों का आधार कार्ड जरूरी है और उस पर कुछ राशि भी देनी होगी।
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मानवता के खिलाफ है इलाज न करना
ईडब्ल्यूएस कमेटी के सदस्य अशोक अग्रवाल का कहना है कि दिल्ली सरकार मानवता के खिलाफ है और लोगों को बांटने में लगी है। आज तक कभी ऐसा नियम नहीं आया कि दूसरे राज्य का मरीज किसी और राज्य में इलाज नहीं करवा सकता, लेकिन दिल्ली सरकार कि यह नीतियां मानवता पर भारी पड़ रही हैं। यह सरकार इंसानियत के खिलाफ है।