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डीजल गाड़ियों पर प्रतिबंध से 50 फीसदी राजस्व का नुकसान
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 22 Dec 2015 03:12 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद महंगी डीजल गाड़ियों (2200 सीसी से ऊपर) के रजिस्ट्रेशन पर रोक लग गई है। इससे गौतमबुद्ध नगर जिले के परिवहन विभाग को 50 फीसदी राजस्व का नुकसान होगा। यह खुद विभाग स्वीकार कर रहा है। लिहाजा अब उसने वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर राजस्व लक्ष्य कम करने की गुहार लगाई है। अमर उजाला ने ‘महंगी डीजल गाड़ियों के बैन से राजस्व का नुकसान’ शीर्षक से पहले ही खबर छापी थी।
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इस बाबत जिले के अधिकारियों ने पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेेशों के अनुपालन से होने वाली राजस्व हानि की जानकारी दी है। उन्होंने पत्र में बताया कि गौतमबुद्ध नगर परिवहन विभाग से प्रतिमाह औसत 1500 डीजल वाहनों का पंजीकरण कराया जाता है। इसमें 900 निजी और 600 व्यावसायिक डीजल वाहन होते हैं।
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इससे प्राप्त होने वाला राजस्व करीब 10-12 करोड़ रुपये प्रतिमाह होता है। उनका कहना है कि यहां से डीजल आधारित वाहनों का पंजीकरण बड़ी संख्या में कराया जाता है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 10000 डीजल वाहनों का पंजीकरण कराया जा चुका है। उनका कहना है कि गौतमबुद्ध नगर परिवहन विभाग को प्रतिमाह 22 से 26 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया जाता है। इसमें प्रतिमाह करीब-करीब पूरी प्राप्ति हो जाती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन के बाद राजस्व प्राप्ति कम होगी।
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उनका कहना है कि समृद्ध जिला होने की वजह से यहां महंगी डीजल वाहनों का पंजीकरण कराने वालों की संख्या काफी अधिक है, जो कि अब प्रभावित होगी। लिहाजा मुख्यालय को अवगत कराते हुए जिले को दिए गए राजस्व लक्ष्य पर पुनर्विचार किया जाए।