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Delhi NCR News: राजधानी में ई-बसों के लिए 50 बस डिपो होंगे विद्युतीकृत
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4,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें पहले से संचालित; मार्च 2027 तक 5,000 से ज्यादा ई-बसें चलाने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग ने बस डिपो को विद्युतीकृत करने का काम तेज कर दिया है। विभाग का लक्ष्य इस साल के अंत तक करीब 50 बस डिपो को पूरी तरह ई-बसों के संचालन के लिए तैयार करना है, ताकि बढ़ते इलेक्ट्रिक बस बेड़े के लिए जरूरी ढांचा समय पर उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में कुल 83 बस डिपो हैं। इनमें से करीब 35 डिपो का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है जबकि पांच से छह डिपो में निर्माण और बिजली से जुड़े काम तेजी से चल रहे हैं। विभाग का कहना है कि नई इलेक्ट्रिक बसों के आने से पहले चार्जिंग और बिजली आपूर्ति की पूरी व्यवस्था करना प्राथमिकता है।
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ई-बसों की खरीद और डिपो के विद्युतीकरण का काम साथ-साथ चल रहा है, ताकि नई बसें मिलने के बाद उनके संचालन में कोई देरी न हो। डिपो को ई-बसों के अनुकूल बनाने के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं, बिजली आपूर्ति क्षमता बढ़ाई जा रही है, नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं और चार्जिंग बे व विशेष पार्किंग क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
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दिल्ली पहले ही देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क वाले शहरों में शामिल है। फिलहाल राजधानी की सड़कों पर 4,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस साल के अंत तक करीब 1,000 और ई-बसें बेड़े में शामिल हो जाएंगी।
सरकार ने मार्च 2027 तक 5,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। नई बसें केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत खरीदी जा रही हैं। इस योजना के तहत दिल्ली को 2,800 से ज्यादा नई इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी।
इनमें 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई की लो-फ्लोर बसें शामिल होंगी। सभी बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। अधिकारियों का कहना है कि बसों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ डिपो का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है, जिससे राजधानी का सार्वजनिक परिवहन और अधिक स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग ने बस डिपो को विद्युतीकृत करने का काम तेज कर दिया है। विभाग का लक्ष्य इस साल के अंत तक करीब 50 बस डिपो को पूरी तरह ई-बसों के संचालन के लिए तैयार करना है, ताकि बढ़ते इलेक्ट्रिक बस बेड़े के लिए जरूरी ढांचा समय पर उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में कुल 83 बस डिपो हैं। इनमें से करीब 35 डिपो का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है जबकि पांच से छह डिपो में निर्माण और बिजली से जुड़े काम तेजी से चल रहे हैं। विभाग का कहना है कि नई इलेक्ट्रिक बसों के आने से पहले चार्जिंग और बिजली आपूर्ति की पूरी व्यवस्था करना प्राथमिकता है।
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परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ई-बसों की खरीद और डिपो के विद्युतीकरण का काम साथ-साथ चल रहा है, ताकि नई बसें मिलने के बाद उनके संचालन में कोई देरी न हो। डिपो को ई-बसों के अनुकूल बनाने के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं, बिजली आपूर्ति क्षमता बढ़ाई जा रही है, नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं और चार्जिंग बे व विशेष पार्किंग क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
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दिल्ली पहले ही देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क वाले शहरों में शामिल है। फिलहाल राजधानी की सड़कों पर 4,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस साल के अंत तक करीब 1,000 और ई-बसें बेड़े में शामिल हो जाएंगी।
सरकार ने मार्च 2027 तक 5,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। नई बसें केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत खरीदी जा रही हैं। इस योजना के तहत दिल्ली को 2,800 से ज्यादा नई इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी।
इनमें 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई की लो-फ्लोर बसें शामिल होंगी। सभी बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। अधिकारियों का कहना है कि बसों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ डिपो का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है, जिससे राजधानी का सार्वजनिक परिवहन और अधिक स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनेगा।