फटकार के बाद केंद्र करेगी पुलिसकर्मियों की भर्ती
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राजधानी में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बार-बार फटकार खाने के बाद आखिर केंद्र सरकार ने पुलिसकर्मियों को भर्ती करने का निर्णय ले लिया। केंद्र ने हाईकोर्ट को बताया कि 16 हजार पुलिकर्मियों की अपेक्षा फिलहाल 4227 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी और इनको आपराधिक मामलों की जांच में ही लगाया जाएगा।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति संजीव सचदेव की खंडपीठ के समक्ष पेश केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने बताया कि इन पुलिसकर्मियों को दो फेस (2016-17 व 2017-18) में भर्ती किया जाएगा।
खंडपीठ ने स्पष्ट कर दिया कि नए पुलिसकर्मियों को भर्ती के बाद मात्र मुकदमों की जांच के लिए लगाया जाए और इन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात नहीं किया जाएगा।
जांच अधिकारी को वीआइपी मूवमेंट के दौरान खड़ा नहीं किया जा सकता
अदालत ने दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता के उस तर्क पर नाराजगी जाहिर की जिसमें उन्होंने तर्क रखा था कि जरूरत पड़ने पर इन पुलिसकर्मियों को दिल्ली में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाया जा सकता है।
अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी केवल जांच अधिकारी होता है। उसे सड़कों पर वीआइपी मूवमेंट के दौरान खड़ा नहीं किया जा सकता। इससे पूर्व अदालत ने 16 हजार पुलिसकर्मी भर्ती करने के मामले में केंद्र सरकार व वित्त मंत्रालय द्वारा एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालने पर नाराजगी जाहिर की थी।
अदालत ने कहा था सरकार के पास या तो रुपये की कमी है या फिर वह महिला सुरक्षा पर रुपये खर्च करना नहीं चाहती। अदालत ने 16 दिसंबर वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला सुरक्षा को लेकर स्वत: संज्ञान लिया था।