'किटी पार्टी' के जाल में फंसी महिलाएं, जब उठा पर्दा तो तबाह हो गए कई परिवार
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किटी पार्टी और लकी ड्रा के नाम पर नोएडा व गाजियाबाद की 50 से ज्यादा महिलाओं से 42 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ितों को लकी ड्रा में सोना और नकद पुरस्कार जीतने का लालच दिया गया था। आरोपी प्रत्येक माह स्पाइस मॉल में किटी पार्टी करते थे।
मामले में पीड़ितों ने गाजियाबाद निवासी दंपति और उनके एक साथी के खिलाफ थाना सेक्टर-24 में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना सेक्टर-24 प्रभारी निरीक्षक उम्मेद कुमार ने बताया कि नोएडा निवासी अनीता बंसल ने धोखाधड़ी की एफआईआर कराई है।
अपनी शिकायत में उन्होंने गोविंदपुरम गाजियाबाद निवासी नितिन गोयल, उनकी पत्नी मुक्ता गोयल और साथी गौरव गोयल के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि ये लोग प्रत्येक माह नोएडा के सेक्टर-25ए स्थित स्पाइस मॉल में किटी पार्टी करते थे और लकी ड्रा निकालते थे।
ऐसे लिया महिलाओं को झांसे में
यहीं पर सदस्यों से प्रत्येक माह एक-दो हजार रुपये लिए जाते थे। इसलिए पीड़ितों ने नोएडा में एफआईआर दर्ज कराई है। ठगी की शिकार होने वाली केवल महिलाएं ही हैं। पुलिस फर्जीवाड़े की जांच कर रही है।
साथ ही, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। पीड़ित महिलाओं ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने वर्ष 2015 में विज्ञापन से उन लोगों को झांसे में लिया था।
विज्ञापन में महिलाओं को आइडिया दिया गया कि वह एकमुश्त सदस्यता शुल्क देने की जगह प्रत्येक माह एक-दो हजार रुपये निवेश करें। महिलाओं को उनकी प्रति माह की बचत से शुल्क जमा करने की सलाह दी जाती थी।
मार्च 2017 में हुई थी अंतिम किटी पार्टी
सदस्यता शुल्क प्लान काफी आसान होने के कारण काफी संख्या में महिलाएं ठगों के जाल में फंस गईं। इतना ही नहीं महिलाओं को प्रत्येक माह किटी पार्टी, आकर्षक लकी ड्रा निकालने और उनकी निवेश की गई राशि की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) कराने का झांसा दिया गया था।
पीड़ित महिलाओं ने पुलिस को बताया है कि आरोपियों ने अंतिम किटी पार्टी 12 मार्च को स्पाइस मॉल में की थी। मॉल के रेस्टोरेंट में किटी पार्टी हुई, लेकिन लकी ड्रा नहीं हुआ था। इस पार्टी में आरोपियों का पूरा जोर सदस्य महिलाओं के जरिये नए ग्रुप बनाने और सदस्यों की संख्या बढ़ाने पर था।
इसके बाद आरोपियों ने कोई किटी पार्टी नहीं की। आरोपी सदस्यों द्वारा जमा कराया गया शुल्क लेकर लापता हो गए। पीड़ितों ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सबके मोबाइल नंबर बंद हो गए। इसके बाद पीड़ितों ने थाना सेक्टर-24 में एफआईआर दर्ज कराई।