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42 बिल्डरों पर जीडीए का करोड़ों बकाया
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 22 Nov 2015 12:34 AM IST
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बिल्डर और आरडब्ल्यूए की करनी हाईराइज इमारतों में रहने वाले हजारों रेजीडेंट्स को भुगतनी पड़ सकती है। अनुरक्षण शुल्क न देने वाले शहर के 42 बिल्डर जीडीए के निशाने पर आ गए हैं।
जीडीए अब इन बिल्डरों के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई शुरू कर दी है। टीएचए के शिप्रा मॉल समेत छह ग्रुप हाउसिंग को नोटिस जारी भी कर दिए गए हैं। इन सभी को जीडीए ने दो सप्ताह का समय दिया है।
निर्धारित समय सीमा में बकाया भुगतान न करने वाली सोसायटीज का न केवल सीवर-पानी कनेक्शन काट दिया जाएगा, बल्कि उनके संबंधित बिल्डर और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के खिलाफ रिपाेर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
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बिल्डर और आरडब्लयूए की मनमानी पर जीडीए सख्त कदम उठाने जा रहा है। जीडीए ने ऐसे बकाएदारों की लिस्ट तैयार की है, जिन पर करोड़ों का अनुरक्षण शुल्क बाकी है।
दरअसल निर्माण के बाद से इन सोसायटीज ने अनुरक्षण शुल्क का भुगतान नहीं किया है। जीडीए ने इन्हें नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। टीएचए में शिप्रा मॉल और पांच बड़ी ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज के नाम सबसे आगे हैं।
सभी पर करीब 10 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें ऑरेंज काउंटी, एटीएस, गौड़ ग्रीन, कृष्णा अपरा गार्डन, आदित्य मेगा सिटी और शिप्रा मॉल के नाम शामिल हैं।
अधिशासी अभियंता आरएस दिवाकर के अनुसार शिप्रा मॉल के बिल्डर ने 2006 से अब तक का अनुरक्षण शुल्क जमा ही नहीं किया है। मॉल पर बकाया राशि दो करोड़ रुपये से ज्यादा है।
जीडीए वीसी विजय यादव ने बताया कि बकायेदारों को नोटिस की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन सभी को समय दिया जा रहा है। टीएचए की सभी सोसायटीज को 15 दिन का समय दिया गया है।
15 दिन में यह आधे पैसे जमा करें और आगे का शेडयूल तैयार करके दें कि कब तक पूरी राशि जमा करेंगे। ऐसा न करने पर इन सभी सोसायटीज का पानी व सीवर कनेक्शन काटा जाएगा।
टीएचए की इन सोसायटीज पर हैं करोड़ों का बकाया
एटीएस एक करोड़ 67 लाख 11 हजार 540 रुपये
गौड़ ग्रीन सिटी एक करोड़ 48 लाख 57 हजार 765 रुपये
ऑरेंज काउंटी एक करोड़ 40 लाख 24 हजार 8 00 रुपये
आदित्य मोगा सिटी एक करोड़, 5 लाख, 62 हजार, 817 रुपये
कृष्ण अपरा गार्डन एक करोड़ 6 लाख 50 हजार, 306 रुपये
शिप्रा मॉल दो करोड़ 2 लाख 76 हजार 442 रुपये
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जीडीए अब इन बिल्डरों के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई शुरू कर दी है। टीएचए के शिप्रा मॉल समेत छह ग्रुप हाउसिंग को नोटिस जारी भी कर दिए गए हैं। इन सभी को जीडीए ने दो सप्ताह का समय दिया है।
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निर्धारित समय सीमा में बकाया भुगतान न करने वाली सोसायटीज का न केवल सीवर-पानी कनेक्शन काट दिया जाएगा, बल्कि उनके संबंधित बिल्डर और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के खिलाफ रिपाेर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
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बिल्डर और आरडब्लयूए की मनमानी पर जीडीए सख्त कदम उठाने जा रहा है। जीडीए ने ऐसे बकाएदारों की लिस्ट तैयार की है, जिन पर करोड़ों का अनुरक्षण शुल्क बाकी है।
दरअसल निर्माण के बाद से इन सोसायटीज ने अनुरक्षण शुल्क का भुगतान नहीं किया है। जीडीए ने इन्हें नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। टीएचए में शिप्रा मॉल और पांच बड़ी ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज के नाम सबसे आगे हैं।
सभी पर करीब 10 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें ऑरेंज काउंटी, एटीएस, गौड़ ग्रीन, कृष्णा अपरा गार्डन, आदित्य मेगा सिटी और शिप्रा मॉल के नाम शामिल हैं।
अधिशासी अभियंता आरएस दिवाकर के अनुसार शिप्रा मॉल के बिल्डर ने 2006 से अब तक का अनुरक्षण शुल्क जमा ही नहीं किया है। मॉल पर बकाया राशि दो करोड़ रुपये से ज्यादा है।
जीडीए वीसी विजय यादव ने बताया कि बकायेदारों को नोटिस की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन सभी को समय दिया जा रहा है। टीएचए की सभी सोसायटीज को 15 दिन का समय दिया गया है।
15 दिन में यह आधे पैसे जमा करें और आगे का शेडयूल तैयार करके दें कि कब तक पूरी राशि जमा करेंगे। ऐसा न करने पर इन सभी सोसायटीज का पानी व सीवर कनेक्शन काटा जाएगा।
टीएचए की इन सोसायटीज पर हैं करोड़ों का बकाया
एटीएस एक करोड़ 67 लाख 11 हजार 540 रुपये
गौड़ ग्रीन सिटी एक करोड़ 48 लाख 57 हजार 765 रुपये
ऑरेंज काउंटी एक करोड़ 40 लाख 24 हजार 8 00 रुपये
आदित्य मोगा सिटी एक करोड़, 5 लाख, 62 हजार, 817 रुपये
कृष्ण अपरा गार्डन एक करोड़ 6 लाख 50 हजार, 306 रुपये
शिप्रा मॉल दो करोड़ 2 लाख 76 हजार 442 रुपये